Bihar Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट में कितनी होगी JDU कोटे के मंत्रियों की संख्या? पार्टी अध्यक्ष ने कर दी ये डिमांड, जानिए कौन-कौन बन सकते हैं मिनिस्टर

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सम्राट कैबिनेट में कितनी होगी JDU कोटे के मंत्रियों की संख्या? पार्टी अध्यक्ष ने कर दी ये डिमांड, Bihar Cabinet Expansion Latest News

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  • Publish Date - May 6, 2026 / 03:20 PM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 03:57 PM IST

पटना: Bihar Cabinet Expansion: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी राज्य में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट में 16 मंत्री पद चाहती है, जिसका गुरुवार को विस्तार होना है। पिछले महीने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार का गठन हुआ था। उनके स्थान पर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। वह बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं। फिलहाल मंत्रिमंडल में जदयू के केवल दो वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद शामिल हैं, जिन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

Bihar Cabinet Expansion: मंत्रिमंडल का विस्तार बृहस्पतिवार को एक भव्य समारोह में होने वाला है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पत्रकारों ने जब कुशवाहा से विस्तारित मंत्रिमंडल में जदयू की हिस्सेदारी को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम 16 मंत्री पद चाहते हैं।’’ संविधान के प्रावधानों के अनुसार राज्य मंत्रिपरिषद में विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक मंत्री नहीं हो सकते। बिहार विधानसभा में 243 सदस्य हैं, इसलिए राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 30 मंत्री हो सकते हैं। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जदयू और भाजपा के अलावा केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) तथा राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) शामिल हैं।

पिछले वर्ष नवंबर में शपथ लेने वाली नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में छोटे सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व मिला था। सत्ता परिवर्तन के बाद गठित नयी मंत्रिपरिषद में भी वे प्रतिनिधित्व की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कुशवाहा से यह भी पूछा गया कि क्या जदयू, नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग करेगी, जिन्होंने अपने पिता के राज्यसभा सदस्य बनने के फैसले के समय सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। इस पर उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी हमेशा चाहती थी कि निशांत मंत्री बनें। वह तुरंत उपमुख्यमंत्री भी बन सकते थे। लेकिन उनकी संवेदनशीलता की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने फिलहाल सरकारी पदों से दूर रहकर संगठन को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है।’’उल्लेखनीय है कि निशांत कुमार ने इसी सप्ताह ‘‘सद्भाव यात्रा’’ की शुरुआत की, जो उनका पहला सार्वजनिक संपर्क कार्यक्रम है। इसके जरिए वह लोगों के बीच अपनी स्वीकार्यता और समर्थन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

पुराने चेहरों पर ज्यादा भरोसा

सूत्रों के अनुसार नवंबर 2025 में नीतीश कैबिनेट का हिस्सा रहे कई नेताओं को दोबारा मंत्री बनाया जा सकता है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ही दल अनुभव और जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर नाम तय कर रहे हैं। बीजेपी की तरफ से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह टाइगर और सुरेंद्र मेहता जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं।