मराठा आरक्षण आंदोलन : मुंबई में होने वाले आंदोलन से पहले पुणे पहुंचे कार्यकर्ता जरांगे

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मराठा आरक्षण आंदोलन : मुंबई में होने वाले आंदोलन से पहले पुणे पहुंचे कार्यकर्ता जरांगे

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  • Publish Date - August 28, 2025 / 10:53 AM IST,
    Updated On - August 28, 2025 / 10:53 AM IST

पुणे, 28 अगस्त (भाषा) मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू करने के लिए मुंबई रवाना होने से पहले कार्यकर्ता मनोज जरांगे बृहस्पतिवार की सुबह सैकड़ों समर्थकों के साथ पुणे जिले में शिवनेरी किला पहुंचे।

शिवनेरी किला मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थान है और समझा जाता है कि जरांगे इस किले में उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

जरांगे बुधवार को अपने समर्थकों के साथ भूख हड़ताल शुरू करने के लिए मुंबई से 400 किलोमीटर दूर जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से रवाना हुए, इस दौरान उन्होंने राज्य की राजधानी जाते समय पुणे के पास एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर सहमति जताई।

जरांगे (43) अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

जरांगे ने जालना में संवाददाताओं को बताया कि उनके पास मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल का फोन आया था, जिसमें बताया गया कि सरकार की एक टीम बातचीत के लिए शिवनेरी पहुंचेगी।

हालांकि, मराठा आरक्षण से संबंधित कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख विखे पाटिल ने बुधवार को कहा कि राज्य स्तर पर जरांगे के साथ बातचीत करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।

कार्यकर्ता ने आश्वासन दिया है कि उनके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और गणेश उत्सव में बाधा नहीं डालेंगे।

जरांगे की मांग है कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए। कुनबी कृषि प्रधान समुदाय है, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है। ओबीसी श्रेणी में शामिल होने से मराठों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ मिलेगा।

जालना पुलिस ने जरांगे और उनके समर्थकों पर 40 शर्तें लगाने के बाद उन्हें मार्च जारी रखने की अनुमति दी। पुलिस ने उन्हें कानून-व्यवस्था में व्यवधान से बचने, वाहनों की आवाजाही में बाधा न डालने और ‘आपत्तिजनक’ नारे लगाने से बचने का निर्देश दिया है।

मुंबई में, आजाद मैदान थाने के एक वरिष्ठ निरीक्षक ने एक आवेदन के जवाब में कार्यकर्ता को पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें 29 अगस्त को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे के बीच आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है।

पत्र में कहा गया है कि शाम छह बजे सभी प्रदर्शनकारियों को स्थल छोड़ना होगा।

पत्र के अनुसार प्रदर्शनकारियों की संख्या 5,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा