मराठा आरक्षण: जरांगे ने 29 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया

मराठा आरक्षण: जरांगे ने 29 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया

मराठा आरक्षण: जरांगे ने 29 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया
Modified Date: July 29, 2026 / 06:17 pm IST
Published Date: July 29, 2026 6:17 pm IST

मुंबई, 29 जुलाई (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को 29 अगस्त से ‘आखिरी और निर्णायक’ आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ने 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड की पहचान करने के बावजूद हैदराबाद गजट के अनुसार जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लंबित मामलों की संख्या कम है और अगर कोई वास्तविक शिकायत बाकी है तो सरकार बातचीत करने को तैयार है।

समर्थकों को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा कि 29 अगस्त को मराठा आरक्षण आंदोलन के तीन साल पूरे हो जाएंगे और उन्होंने ‘आखिरी और निर्णायक आंदोलन’ का आह्वान किया।

उन्होंने कहा,‘‘हमें राज्य में 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड मिले हैं। हमने बार-बार सरकार से इन रिकॉर्ड के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने को कहा है, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही है। इसीलिए हमें एक और आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है।’’

जरांगे ने उन सभी पात्र लोगों से, जिनके रिकॉर्ड मिल गए हैं, जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने का आग्रह किया और मराठा समुदाय के सदस्यों से अपील की है कि वे 29 अगस्त को घर पर न रहें।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हैदराबाद गजट के अनुसार 28 अगस्त तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए, तो 29 अगस्त से आंदोलन शुरू हो जाएगा। यह आखिरी और निर्णायक आंदोलन होगा। या तो मैं रहूंगा, या सरकार रहेगी।’’

हैदराबाद गजट, निजाम के दौर और ब्रिटिश प्रशासन से जुड़ा एक ऐतिहासिक दस्तावेज है जिसका हवाला मराठा आरक्षण के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता कुनबी जाति के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा पाने की मांग के समर्थन में देते हैं।

जरांगे ने यह भी आरोप लगाया कि मराठा युवाओं को ‘निशाना’ बनाया जा रहा है और दावा किया कि पिछले तीन-चार महीनों से कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है।

उनकी अन्य मांगों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेना, मराठा समुदाय से किए गए कल्याणकारी उपायों के वादों को पूरा करना, ‘सारथी’ योजनाओं को फिर से शुरू किया जाना, मराठा समुदाय के लिए अलग मंत्रालय का गठन और सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत घोषित फायदों का दायरा बढ़ाना शामिल है।

सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए जारांगे ने कहा कि आरक्षण का मुद्दा राकांपा, शिवसेना और कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं और परिवारों पर भी असर डाल रहा है।

जारांगे की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि महायुति सरकार ने मराठा समुदाय के कल्याण के लिए पिछली किसी भी सरकार की तुलना में अधिक निर्णय लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जिन लोगों ने आवेदन किया है, उन्हें जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं। लंबित मामलों की संख्या कम है। अगर किसी को लगता है कि कुछ मामले अब भी लंबित हैं, तो हम उनसे इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।’’

इस बीच, फडणवीस ने कहा कि मुंबई में नीट के कथित पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये मामले मुख्य रूप से निषेधाज्ञा के उल्लंघन से जुड़े थे।

सूत्रों ने पहले बताया था कि फडणवीस ने गृह विभाग से कहा था कि वे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नीट के कथित पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को वापस ले लें।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश


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