मुंबई पुलिस ने 42 साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़े ‘म्यूल अकाउंट’ गिरोह का पर्दाफाश किया
मुंबई पुलिस ने 42 साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़े 'म्यूल अकाउंट' गिरोह का पर्दाफाश किया
मुंबई, आठ अगस्त (भाषा) मुंबई पुलिस ने ‘म्यूल अकाउंट’ गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उन बैंक खातों की पहचान करने के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर देश भर में 42 मामलों में 7.42 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया था। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
‘म्यूल अकाउंट’ ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल साइबर ठग या अपराधी ठगी से हासिल किए गए पैसे को जमा करने और आगे भेजने के लिए करते हैं।
अधिकारी ने बताया कि इस गिरोह का खुलासा खार पुलिस थाने में हाल ही में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान हुआ। इस मामले में पीड़ित से टेलीग्राम ऐप के जरिए संपर्क किया गया और ऑनलाइन काम पूरा करने पर अधिक रिटर्न देने का लालच दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में चार लाख रुपये जमा करने के लिए राजी किया गया, लेकिन उसके साथ धोखाधड़ी की गई।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर अविनाश बाबासाहेब खरात और विकास गजानन भुजबल की कथित संलिप्तता सामने आई।
उन्होंने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर अपने और दूसरे लोगों के नाम से बैंक खाते खोले और बाद में धोखाधड़ी वाले लेन-देन करने के लिए उन्हें साइबर जालसाजों को सौंप दिया।
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने 22 बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें 13 खाते खरात के नाम पर और नौ खाते भुजबल के नाम पर हैं। इन दोनों से जुड़े खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी से हासिल की गई बड़ी रकम का कथित तौर पर लेन-देन किया गया।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों तथा लाभार्थियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
भाषा शुभम रंजन
रंजन

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