‘डिजिटल ट्विन’ संबंधी शोध को आगे बढ़ाने के लिए हेक्सागन और आईआईआईटी-हैदराबाद ने की साझेदारी

‘डिजिटल ट्विन’ संबंधी शोध को आगे बढ़ाने के लिए हेक्सागन और आईआईआईटी-हैदराबाद ने की साझेदारी

‘डिजिटल ट्विन’ संबंधी शोध को आगे बढ़ाने के लिए हेक्सागन और आईआईआईटी-हैदराबाद ने की साझेदारी
Modified Date: September 23, 2026 / 06:14 pm IST
Published Date: September 23, 2026 6:14 pm IST

मुंबई, 23 सितंबर (भाषा) हैदराबाद स्थित ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ (आईआईआईटी-हैदराबाद) और मापन संबंधी प्रौद्योगिकी कंपनी ‘हेक्सागन आर एंड डी इंडिया’ ने बुधवार को संस्थान के परिसर में ‘हेक्सागन डिजिटल ट्विन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने के लिए मिलकर काम करने की घोषणा की।

‘डिजिटल ट्विन’ किसी वास्तविक वस्तु, मशीन, इमारत, जगह या प्रणाली की डिजिटल प्रतिकृति (वर्चुअल कॉपी) होती है, जो असली चीज की तरह ही डेटा के आधार पर व्यवहार और स्थिति को दिखाती है।

एक बयान के मुताबिक, यह ‘हेक्सागन डिजिटल ट्विन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से कंप्यूटर विज़न, स्पेशियल कंप्यूटिंग और डिजिटल ट्विन्स के क्षेत्र में अनुप्रयोगात्मक शोध, शिक्षा और उद्योग के साथ सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

इस सहयोग का मकसद आईआईटी-हैदराबाद के छात्रों, संकाय के सदस्यों और शोधार्थियों को हेक्सागन के उन्नत ‘प्रिसिजन इमेजिंग लेजर स्कैनर’ तक पहुंच उपलब्ध कराना है, जो उच्च सटीकता वाले डिजिटल ट्विन तैयार करने में सक्षम है।

आईआईआईटी-हैदराबाद के निदेशक प्रो. संदीप के. शुक्ला ने कहा, ‘‘हेक्सागन के साथ यह सहयोग हमारे शोधकर्ताओं और छात्रों को उन्नत प्रौद्योगिकियों तथा वास्तविक दुनिया के ‘स्पेशियल डेटा’ तक पहुंच प्रदान करेगा।

इससे प्रयोगशाला में किए जा रहे शोध को व्यावहारिक अनुप्रयोगों तक ले जाने के अवसर मिलेंगे। हम इस ‘उत्कृष्टता केंद्र’ के माध्यम से एक मजबूत शोध और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में काम करने को लेकर उत्साहित हैं।’’

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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