उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे 2009 के मानहानि मामले में बरी
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे 2009 के मानहानि मामले में बरी
ठाणे, 23 सितंबर (भाषा) ठाणे जिले के कल्याण की एक अदालत ने मानहानि के मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और पूर्व सांसद आनंद परांजपे को बरी कर दिया है।
ये तीनों कभी अविभाजित शिवसेना का हिस्सा रहे थे।
शिकायतकर्ता दिवंगत वसंत डावखरे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता थे जिन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान आयोजित एक प्रचार रैली को लेकर शिवसेना नेताओं के खिलाफ अदालत का रुख किया था।
कल्याण जिला अदालत के न्यायाधीश संतोष आगे ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने का हवाला देते हुए उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे, आनंद परांजपे और दिवंगत पार्षद राजेंद्र देवलेकर को बरी कर दिया।
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में परांजपे का मुकाबला डावखरे से था। देवलेकर द्वारा कल्याण में आयोजित एक रैली के दौरान शिवसेना नेताओं ने डावखरे से संबंधित कुछ वीडियो प्रदर्शित किए और कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाई थी। इस चुनाव में परांजपे विजयी हुए थे।
डावखरे ने चुनाव में हार के बाद आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था जिसमें आरोप लगाया गया कि इन रिकॉर्डिंग से उनकी छवि धूमिल हुई।
मामले की लंबी सुनवाई के दौरान अदालत ने नेताओं और रैली स्थल पर तैनात पुलिस अधिकारियों समेत 20 गवाहों के बयान दर्ज किए।
मामले की सुनवाई लंबी खिंचने के दौरान शिवसेना और राकांपा दोनों में विभाजन हो गया। एकनाथ शिंदे अब अलग हुए शिवसेना गुट का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं, डावखरे के बेटे निरंजन डावखरे अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में हैं।
पिछले माह उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए थे और अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था।
बचाव पक्ष के वकीलों ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दलील दी थी कि आरोपियों और इन रिकॉर्डिंग के बीच कोई सीधा संबंध साबित नहीं होता।
न्यायाधीश संतोष आगे ने जांच में विसंगतियों और कमियों पर गौर करते हुए पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।
परांजपे ने शिवसेना छोड़कर राकांपा का दामन थाम लिया था और हाल में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में लौट आए हैं। वह बुधवार को अदालत में मौजूद रहे।
भाषा खारी नरेश
नरेश

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