मुंबई, 24 जुलाई (भाषा) मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में एक पुलिसकर्मी द्वारा एक महिला के साथ कथित रूप से बदसलूकी करने का वीडियो गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
पुलिस ने सफाई दी कि अधिकारी वास्तव में एक पुरुष प्रदर्शनकारी को रोकने की कोशिश कर रहा था, तभी वह महिला अनजाने में बीच में आ गई।
यह वीडियो तब राजनीतिक विवाद का कारण बन गया जब कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इसे ‘एक्स’ पर साझा किया, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने वीडियो में दिख रहे पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मुंबई पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कर्मचारी के व्यवहार की ‘‘अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और गलत’’ व्याख्या की जा रही है।
पुलिस ने कहा कि संबंधित अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ रहा था और दूसरी तरफ देख रहा था, तभी ‘‘एक महिला प्रदर्शनकारी अनजाने में बीच में आ गई।’’
पुलिस ने कहा, ‘‘आपसे अपेक्षा की जाती है कि किसी वीडियो के आधार पर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले आप तथ्यों की पुष्टि करें। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी तथ्यों की पुष्टि की है।’’
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते समय कुछ लोग गिर गए थे।
भाषा
खारी नरेश
नरेश