पुणेः खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों के लिए 1,000 से अधिक फर्जी प्रमाणपत्र बनाए, दो गिरफ्तार

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पुणेः खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों के लिए 1,000 से अधिक फर्जी प्रमाणपत्र बनाए, दो गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 04:08 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 04:08 PM IST

पुणे, आठ सितंबर (भाषा) पुणे पुलिस ने सरकारी नौकरी में खेल कोटे के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कुराश प्रतियोगिताओं के 1,000 से अधिक फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी महाराष्ट्र कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव ने ऐसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए, जो कभी आयोजित ही नहीं हुई थीं।

पुलिस ने कम से कम 60 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने सरकारी पदों के लिए आवेदन करने में इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

पुलिस ने बताया कि कुराश एक प्रकार की कुश्ती है, जिसकी शुरुआत मध्य एशिया में हुई थी। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल है और महाराष्ट्र में 2012 से महाराष्ट्र कुराश एसोसिएशन के तहत खेला जा रहा है।

अधिकारी ने बताया कि यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस को शिकायत मिली कि खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवारों को कुराश और अन्य खेलों के फर्जी प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “शिकायत मिलने के बाद हमने जांच शुरू की। आरटीआई आवेदन के जरिए मिले दस्तावेजों की भी जांच की गई और हमें कई गड़बड़ियां मिलीं।”

अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि 2016 से 2019 के बीच आयोजित बताई गई प्रतियोगिताएं ऐसे संगठनों ने कराई थीं, जिनका भारतीय कुराश एसोसिएशन से कोई संबंध नहीं था।

प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षरों को कथित तौर पर स्कैन करके लगाया गया था।

एक अधिकारी ने कहा कि यह गिरोह 2016 के बाद से सक्रिय था और 1,000 से अधिक प्रमाणपत्र बांटे जाने की आशंका है।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने करीब 60 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने कथित तौर पर ये प्रमाणपत्र लेकर विभिन्न सरकारी विभागों में आवेदन किया था। जांच आगे बढ़ने के साथ यह संख्या बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस पूरे गिरोह का पता लगाने के लिए अन्य सबूत जुटा रही है।

उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पुलिस विभाग के किसी कर्मचारी ने डुप्लीकेट या फर्जी प्रमाणपत्र तो हासिल नहीं किया था।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश