मुंबई, 23 सितंबर (भाषा) मुंबई पुलिस ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र के कथित आत्महत्या के मामले में लोगों और मीडिया से अटकलें लगाने, भ्रामक सूचनाएं फैलाने या समय से पहले निष्कर्ष निकालने से बचने की बुधवार को अपील की।
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की अपराध शाखा आईआईटी मुंबई के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र 22 वर्षीय साहिल वाकोडे की मौत की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, 18 सितंबर की शाम वह अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला था।
यह घटना मध्य सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन से चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद हुई थी।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि जांच “पूरी सतर्कता और निष्पक्षता से की जा रही है तथा सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।”
बयान में कहा गया, “मुंबई पुलिस लोगों से और जनता से अपील करती है कि वे अटकलों, भ्रामक सूचनाएं फैलाने या समय से पहले निष्कर्ष निकालने से बचें। मीडिया से अनुरोध है कि वह केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं को ही प्रसारित करे।”
बयान में कहा गया कि पुलिस निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके। बयान में कहा गया है कि मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और इसकी निगरानी एक पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) द्वारा की जा रही है।
वाकोडे के अभिभावकों ने दावा किया है कि उनके बेटे ने उन्हें जाति आधारित अपमान का सामना करने के बारे में बताया था। उन्होंने आईआईटी मुंबई के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। डूला को छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद प्रशासनिक मामलों के डीन पद से हटा दिया गया है। डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जातीय भेदभाव के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
भाषा अमित नरेश
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