मुंबई: बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल से सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित, सुबह महज 32 बस चलीं

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मुंबई: बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल से सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित, सुबह महज 32 बस चलीं

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 05:09 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 05:09 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

मुंबई, 19 जून (भाषा) बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) के कर्मचारी बृहस्पतिवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे शुक्रवार को मुंबई में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं और लाखों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

बेस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई में शुक्रवार को सुबह के व्यस्त समय में सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रदाता की कुल 2,766 बस में से महज 32 सड़कों पर उतरीं।

प्रवक्ता के मुताबिक, शहर के विभिन्न डिपो से शुक्रवार को महज 38 बस निकलीं, जिनमें से छह को हड़ताली कर्मचारियों के विरोध और पथराव के कारण लौटना पड़ा, जिससे सिर्फ 32 बस का ही परिचालन किया जा सका।

बेस्ट के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सुबह के व्यस्त समय में पूरे शहर के बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ दिखी और हजारों लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ऐप-आधारित कैब और मेट्रो जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

सलाहकार के तौर पर काम करने वाले सचिन नलावडे ने कहा, “मैं दफ्तर जाने के लिए रोज सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करता हूं, लेकिन आज मैं अपनी बाइक लेकर निकला, क्योंकि सड़कों पर बस नहीं चल रही थीं।”

यह हड़ताल ‘बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति’ ने आहूत की है, जो 12 यूनियन की एक संयुक्त कार्रवाई समिति है।

बेस्ट की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि उन्होंने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से अपील की है कि वे “शहर को पंगु न बनाएं और काम पर लौट आएं।”

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में बेस्ट के बजट को बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के बजट में मिलाना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कानूनी बकाये का एक बार में भुगतान करना, 2016-2026 की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, परिवहन और बिजली विभागों में संविदा पर नियुक्ति की व्यवस्था खत्म करना और ‘वेट-लीज’ (संविदा पर रखे गए निजी चालक और कर्मचारी) कर्मचारियों को बेस्ट में समायोजित करना शामिल है।

यह हड़ताल औद्योगिक अदालत की ओर से कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश पारित किए जाने और महाराष्ट्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एमईएसएमए) लागू किए जाने के बावजूद शुरू की गई। एमईएसएमए जरूरी सेवाओं को अवरुद्ध किए जाने पर रोक लगाता है।

बेस्ट उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के बाद मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन प्रदाता है, जिसकी बस से रोजाना औसतन 25 लाख यात्री सफर करते हैं। बेस्ट दक्षिण और मध्य मुंबई में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति भी करती है।

बेस्ट मौजूदा समय में लगभग 2,700 बस का संचालन करती है, जिनमें से ज्यादातर निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई हैं।

मुंबई पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में बाधा डालने, बेस्ट की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या काम पर आने के इच्छुक कर्मचारियों को रोकने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रमिक उत्कर्ष सभा और बेस्ट कामगार यूनियन ने खुद को इस हड़ताल से अलग रखा है। उनका कहना है कि श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन और राज्य सरकार के साथ बातचीत जारी है।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश