Ladki Bahin Yojana Latest Update: 92 लाख महिलाओं के खाते में अब हर महीने नहीं आएंगे पैसे, भाजपा सरकार ने कर दी छटनी, 29,000 पुरुष सहित 8000 सरकारी कर्मचारी भी ले रहे थे लाभ

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Ladki Bahin Yojana Latest Update: 92 लाख महिलाओं के खाते में अब हर महीने नहीं आएंगे पैसे, भाजपा सरकार ने कर दी छटनी, 29,000 पुरुष सहित 8000 सरकारी कर्मचारी भी ले रहे थे लाभ

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 01:43 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 01:45 PM IST

Ladki Bahin Yojana Latest Update: 92 लाख महिलाओं के खाते में अब हर महीने नहीं आएंगे पैसे, भाजपा सरकार ने कर दी छटनी, 29,000 पुरुष सहित 8000 सरकारी कर्मचारी भी ले रहे थे लाभ / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना से लाखों लाभार्थियों के नाम हटाए गए
  • पात्रता नियमों के उल्लंघन के कारण छंटनी हुई
  • 29,000 पुरुषों और हजारों अपात्र लाभार्थियों के नाम भी सामने आए

मुंबई: Ladki Bahin Yojana Latest Update महाराष्ट्र की सत्ता में आने से पहले एनडीए गठबंधन ने महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपए देने का ऐलान किया गया था। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सरकार ने अपने वादे के अनुरुप ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ बनाकर महिलाओं के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए। राजनीति के जानकारों ने जीत के बाद ये भी कहा कि ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ एनडीए के लिए मास्टर स्ट्रोक साबित हुई। लेकिन इस बीच खबर सामने आ रही है कि इस योजना की 92 लाख महिलाओं की छटनी कर दी गई है, जिसमें 29,000 पुरुषों के नाम भी शामिल है। हालांकि सरकार ने अभी तक 80 लाख लाभार्थियों के नाम काटे जाने की बात स्वीकार की है।

Ladki Bahin Yojana Latest Update 92 लाख महिलाओं की छटनी

Ladki Bahin Yojana Latest Update सरकारी आंकड़ों की मानें तो लाभार्थियों के वेरिफिकेशन के बाद कुल 14,000 करोड़ रुपए का भुगताान किया गया था। वहीं, जिन लोगों की छटनी की गई है वो भी करीब 10 महीने तक योजना के तहत 1500 रुपए प्रति माह की दर से 10 महीने तक लाभ ले चुके थे।

इस वजह से हुई लाभार्थियों की छटनी

  • – द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हटाए गए करीब 92 लाख लोगों में से लगभग 62 लाख लाभार्थी eKYC ( इलेक्ट्रॉनिक ‘नो योर कस्टमर’) प्रोसेस पूरा नहीं कर पाए थे
  • – लगभग 16 लाख (17%) महिलाएं ऐसी थी जिनके परिवार की सालाना आय स्कीम के लिए तय 2.5 लाख रुपए की सीमा से ज्यादा थी
  • – लगभग 4.42 लाख (4.8%) लाभार्थियों ने वेरिफिकेशन के दौरान बताया कि वे या उनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी है
  • – लगभग 3.6 लाख (3.9%) लाभार्थी पहले से ही ‘संजय गांधी निराधार योजना’ का लाभ ले रहे थे
  • – लगभग 2.5 लाख (2.7%) मामलों में एक ही परिवार के दो से ज्यादा सदस्य फायदा उठा रहे थे
  • – लगभग 1.8 लाख (2%) लोग 65 साल की अधिकतम उम्र सीमा से ज्यादा उम्र के थे
  • – जिला-स्तर के वेरिफिकेशन के दौरान लगभग 1.7 लाख (1.8%) मामलों में गड़बड़ी पाई गई
  • – लगभग 29,000 पुरुष और करीब 8,000 सरकारी कर्मचारी भी ऐसे पाए गए जिन्होंने अयोग्य होने के बावजूद फायदा उठाया था

क्या है ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’?

यह स्कीम उन परिवारों की 21 से 65 साल की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए देती है जिनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपए से कम है। सरकारी कर्मचारी, इनकम टैक्स देने वाले और कुछ दूसरी कल्याणकारी स्कीम के लाभार्थी इसमें शामिल नहीं हैं। इस स्कीम में अभी 1.5 करोड़ से ज़्यादा महिलाएं शामिल हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुई वेरिफिकेशन प्रक्रिया से पहले इसके लाभार्थियों की संख्या लगभग 2.43 करोड़ थी।

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मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में कितने लाभार्थियों के नाम हटाए गए?

सरकारी सत्यापन के बाद बड़ी संख्या में लाभार्थियों के नाम हटाए गए। रिपोर्टों में लगभग 92 लाख का दावा है, जबकि सरकार ने करीब 80 लाख लाभार्थियों के नाम हटाने की बात स्वीकार की है।

लाडकी बहीण योजना से नाम क्यों हटाए गए?

मुख्य कारण eKYC पूरा न होना, आय सीमा से अधिक आय, सरकारी कर्मचारी होना, अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेना, एक परिवार से अधिक पात्रता, उम्र सीमा पार होना और दस्तावेजों में गड़बड़ी थे।

क्या पुरुषों के नाम भी योजना में पाए गए?

हां। सत्यापन के दौरान करीब 29,000 पुरुषों के नाम योजना के लाभार्थियों में पाए गए, जबकि यह योजना केवल पात्र महिलाओं के लिए है।

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में हर महीने कितनी राशि मिलती है?

इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है।

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना का लाभ किन महिलाओं को मिलता है?

21 से 65 वर्ष आयु की उन महिलाओं को, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से कम है और जो योजना की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं।