जालना (महाराष्ट्र), 29 सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने मनोज जरांगे की आलोचना करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने और सोशल मीडिया पर बदनाम किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
महिला कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार की गई तस्वीरों और वीडियो के जरिए उन्हें सोशल मीडिया पर बदनाम किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, कार्यकर्ता ललिता शामसुंदर तारख ने अंबड थाने में लिखित शिकायत देकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की।
शिकायत के अनुसार, मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने के बाद ललिता, उनके पति और बेटे को फोन पर गालियां तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
ललिता ने आरोप लगाया कि 26 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए मराठा आरक्षण के मुद्दे से निपटने के जरांगे के तरीके की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जरांगे ने झूठे वादे किए थे।
ललिता ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने जरांगे का समर्थन किया था लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिला।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि उन्होंने हैदराबाद गजट के प्रावधानों के तहत कुनबी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था लेकिन करीब 10 महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिला।
ललिता ने आरोप लगाया कि उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि लगातार मिल रही धमकियों और उत्पीड़न के कारण उनके परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अंतरवाली सराटी गांव की मूल निवासी और वर्तमान में अंबड में रह रहीं ललिता ने कहा कि वह और उनका परिवार पिछले तीन वर्षों से जरांगे के नेतृत्व वाले मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की और बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
भाषा जितेंद्र आशीष
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