मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 6,498 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के सिलसिले में भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पण कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मिस्त्री कई संस्थाओं के बीच एक अहम कड़ी था। वह नीरव के रोजमर्रा के कामकाज की देखरेख करता था और सबूत छिपाने के लिए ऐसे गुप्त संचार माध्यम का इस्तेमाल करके निर्देश देता था, जिनपर संदेश स्वत: ही मिट जाते हैं। सीबीआई के अनुरोध पर जुलाई में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर उसे यूएई से स्वदेश लाया गया।
सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘इसके बाद, यूएई के अधिकारियों ने उसकी मौजूदगी वाले स्थान का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसे भारत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई… उसे 28 सितंबर को रात 11:55 बजे मुंबई लाया गया, जहां सीबीआई और बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच, मुंबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया और सक्षम अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।’’
आरोप है कि मिस्त्री ने हीरे, सोने और मोती के गहनों के फर्जी व्यापार को दर्शाने के लिए जाली आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार करने में भी मदद की।
इसके अलावा, उसने और अन्य आरोपियों ने विदेशी कंपनियों के ‘डमी’ निदेशकों को गिरफ्तारी का भय दिखाकर उन्हें दूसरी जगहों पर भेज दिया, उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिये और उन्हें ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया, जिनमें उन्हें कंपनियों का असली मालिक बताया गया था।
बयान में कहा गया है, ‘‘उसने यूएई में ‘डमी’ कंपनियों के बैंक खातों से पैसे भी निकाले। इस मामले में सक्षम अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है।’’
सीबीआई ने कहा कि आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिए और कथित तौर पर उन्हें काहिरा जाने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी हो सकने का भय दिखाया गया था।
सोमवार को प्रत्यर्पण कराये जाने के बाद, सीबीआई ने मंगलवार को मुंबई में मिस्त्री को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एजेंसी ने उसे सीबीआई की एक विशेष अदालत में पेश किया, हालांकि इसने हिरासत में देने का अनुरोध नहीं किया।
इसके बाद, अदालत ने मिस्त्री को छह अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यह गिरफ्तारी नवंबर 2025 में एक विशेष अदालत द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट का पालन करते हुए की गई।
मिस्त्री, नीरव मोदी की हांगकांग स्थित कंपनी ‘फैंसी क्रिएशन्स लिमिटेड’ का निदेशक रह चुका है।
सीबीआई का आरोप है कि मिस्त्री ने नीरव और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसके तहत पीएनबी के साथ लगभग 6,498.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
नीरव मोदी, उसके मामा मेहुल चोकसी और अन्य लोगों के खिलाफ 2018 से ही धनशोधन के आरोपों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है। उनके खिलाफ सीबीआई जांच भी हो रही है।
उनपर आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से और मुंबई में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा में फर्जी ‘लेटर ऑफ अंडरटेकिंग’ (औपचारिक बैंक गारंटी) जारी करके दो अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 13,000 करोड़ रुपये) से अधिक की बैंक धोखाधड़ी की।
भाषा सुभाष सुरेश
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