मुंबई, 26 मई (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को कहा कि ‘णमोकार मंत्र’ विश्व में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने के साथ ही लोगों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करने में सहायक हो सकता है।
होसबाले मुंबई स्थित जहांगीर आर्ट गैलरी में कलाकार जैन कमल की प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
होसबाले ने कहा कि केवल णमोकार मंत्र का जप करने से मन को शांति मिलती है और यह विश्व में सौहार्द एवं शांति स्थापित करने में भी योगदान दे सकता है।
उन्होंने कहा, “यह प्रदर्शनी अक्षरों और लिपियों की यात्रा प्रस्तुत करने के साथ-साथ आगंतुकों को आध्यात्मिक शांति भी प्रदान करती है।”
‘विश्व शांति साथी णमोकार महामंत्र’ शीर्षक वाली यह प्रदर्शनी 26 मई से एक जून तक प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे से शाम सात बजे तक जहांगीर आर्ट गैलरी में आयोजित की जा रही है।
गौरतलब है कि णमोकार मंत्र जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र माना जाता है और सबसे प्राचीन मंत्रों में से एक है।
होसबाले ने आपातकाल के दौरान बेंगलुरु जेल की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न पृष्ठभूमियों के बंदी नियमित रूप से णमोकार मंत्र का जाप करते थे, जिससे लोगों के बीच एकता और सद्भाव की भावना विकसित हुई।
उन्होंने कहा कि अक्षरों से बने मंत्र शाश्वत होते हैं और उन्हें किसी व्यक्ति ने नहीं बनाया, बल्कि वे स्वाभाविक रूप से प्रकट हुए। उन्होंने कहा, “हमारे ऋषि-मुनियों ने ये मंत्र समाज को दिए और जैन कमल ने अपनी लिपि-आधारित कलाकृतियों के माध्यम से इन्हें दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है।”
आरएसएस नेता ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित कृतियां केवल चित्र नहीं हैं, बल्कि एक सृजनात्मक संसार का प्रतिनिधित्व करती हैं।
टाइपोग्राफी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषा में अनेक प्रकार के फॉण्ट विकसित किए गए हैं, जबकि देवनागरी फॉण्ट के क्षेत्र में बहुत कम कलाकारों ने कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देवनागरी फॉन्ट निर्माण के क्षेत्र में जैन कमल का नाम अग्रणी रहा है।
इस अवसर पर जैन कमल ने कहा कि प्रदर्शनी की प्रत्येक कलाकृति दर्शकों को एक अलग और नया अनुभव प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी का पहला भाग णमोकार मंत्र पर आधारित है, जबकि दूसरा भाग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि अंतिम भाग में प्रकाशन डिजाइन से संबंधित कृतियां प्रदर्शित की गई हैं।
जैन मुनि नयपद्मसागर सूरीश्वर जी महाराज ने कहा कि णमोकार महामंत्र एक सार्वभौमिक मंत्र है और आत्मिक शुद्धि का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सामूहिक शक्ति और आध्यात्मिक साधना मिलकर मानवता और विश्व के कल्याण में योगदान दे सकती है।
भाषा अमित माधव
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