Nashik TCS Harassment Case: नासिक TCS केस का पाकिस्तान से कनेक्शन..! इस नेता ने कर दिया बड़ा दावा, पूरे कांड को बताया ‘गजवा-ए-हिंद’

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Nashik TCS Harassment Case: नासिक TCS केस का पाकिस्तान से कनेक्शन..! इस नेता ने कर दिया बड़ा दावा, पूरे कांड को बताया ‘गजवा-ए-हिंद’

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 02:02 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 02:02 PM IST

NITESH RANE/ image source: ARTICLE 14

HIGHLIGHTS
  • टीसीएस बीपीओ से चौंकाने वाला मामला
  • 4 साल तक मानसिक प्रताड़ना
  • जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप

Nashik TCS Harassment Case: नासिक: महाराष्ट्र के Nashik स्थित एक नामी आईटी कंपनी के बीपीओ ऑफिस से जुड़े कथित धर्मांतरण विवाद ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। राज्य सरकार के मंत्री Nitesh Rane ने इस पूरे मामले में पाकिस्तान कनेक्शन का बड़ा आरोप लगाते हुए इसे “गजवा-ए-हिंद” जैसे खतरनाक एजेंडे से जोड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की घटनाओं के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ हो सकता है, जो देश के खिलाफ साजिश के तहत काम कर रही हैं। राणे के इस बयान के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

Nashik TCS: मंत्री राणे ने क्या कहा ?

मंत्री राणे ने आगे कहा कि इस मामले में धर्मांतरण और महिलाओं के शोषण जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और पुलिस इस तरह की घटनाओं को लेकर पूरी तरह सख्त हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों का मकसद देश में अस्थिरता फैलाना और समाज में विभाजन पैदा करना हो सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब “लव जिहाद” और “लैंड जिहाद” के बाद “कॉर्पोरेट जिहाद” जैसी गतिविधियां भी सामने आ रही हैं, जो बड़ी कंपनियों तक पहुंच चुकी हैं।

Nashik TCS Case: अमरावती के एक मामले का भी जिक्र किया

इस दौरान राणे ने Amravati के एक मामले का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि महज 19 साल के एक युवक ने हिंदू लड़कियों को फंसाकर उनका शारीरिक शोषण किया और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया गया। उन्होंने इस घटना को भी इसी साजिश का हिस्सा बताते हुए गंभीर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और विपक्ष को आरोपियों की पहचान पर ध्यान देना चाहिए।

इसी बीच इस पूरे विवाद में National Commission for Women (एनसीडब्ल्यू) की भी एंट्री हो गई है। आयोग ने नासिक बीपीओ यूनिट में महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों पर स्वत: संज्ञान लिया है। एनसीडब्ल्यू की एक टीम 17 अप्रैल को घटनास्थल का दौरा करेगी और मामले की विस्तृत जांच करेगी। यह टीम पीड़ित महिलाओं, पुलिस अधिकारियों, कंपनी के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत कर सच्चाई जानने की कोशिश करेगी।

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मामला किस कंपनी से जुड़ा?

टीसीएस बीपीओ से चौंकाने वाला मामला

पीड़ित ने क्या आरोप लगाए?

4 साल तक मानसिक प्रताड़ना

कब से शुरू हुई प्रताड़ना?

जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप