हिंदू त्योहारों में साउंड सिस्टम पर रोक नहीं : कदम

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हिंदू त्योहारों में साउंड सिस्टम पर रोक नहीं : कदम

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 08:02 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 08:02 PM IST

मुंबई, छह सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र में त्योहारों में ‘‘डीजे’’ साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर जारी तीखी बहस के बीच के मंत्री योगेश कदम ने कहा है कि हिंदू त्योहारों के दौरान ध्वनि विस्तारकों के उपयोग पर कोई रोक नहीं होगी और यह राज्य सरकार के साथ-साथ उनकी पार्टी शिवसेना का भी रुख है।

उनके मंत्रिमंडल सहयोगी संजय शिरसाट और मेघना बोर्डीकर ने हालांकि अलग रुख अपनाते हुए त्योहारों के दौरान डीजे साउंड सिस्टम के इस्तेमाल के खिलाफ जोरदार पैरवी की है।

राज्य के गृह राज्य मंत्री कदम ने शनिवार को मुंबई में कहा, ‘‘मैंने कल (शुक्रवार) पुणे में दृढ़ता से यह बात कही थी और आज मुंबई में भी कह रहा हूं। हमारे हिंदू त्योहारों के दौरान (ध्वनि विस्तारकों की) आवाज को रोका नहीं जाएगा।’’

यहां एक दही हांडी कार्यक्रम में कदम ने कहा, ‘‘त्योहार इस तरह (बिना धूमधाम के) नहीं मनाए जाते। यह शिवसेना और सरकार का रुख है।’’

राज्य में डीजे और लाउडस्पीकर से मुक्त त्योहार मनाने की मांग जोर पकड़ रही है। पुणे के कार्यकर्ता विद्यानंद बापट त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण पैदा करने वाले तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल के खिलाफ प्रमुख आवाजों में से एक बनकर उभरे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर और छत्रपति संभाजीनगर के जिला प्रभारी मंत्री संजय शिरसाट ने रविवार को ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करने के महत्व पर जोर दिया।

बोर्डीकर ने संवाददाताओं से कहा कि त्योहार उत्साह के साथ मनाए जाने चाहिए, लेकिन इससे दूसरों को परेशानी या स्वास्थ्य संबंधी खतरा नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, पिछले साल डीजे सिस्टम की वजह से मेरे रिश्ते के भाई की मौत हो गई। हम लोगों से बार-बार अपील करते हैं और उच्चतम न्यायालय ने भी दिशा-निर्देश तय किए हैं, लेकिन कई लोग उनका पालन नहीं करते। डीजे का इस्तेमाल जानलेवा परिणाम दे सकता है और मैंने खुद इस व्यक्तिगत त्रासदी का अनुभव किया है।’’

उनकी चिंता से सहमति जताते हुए शिवसेना के नेता शिरसाट ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में प्रशासन और पुलिस ध्वनि संबंधी नियमों को सख्ती से लागू करेंगे। उन्होंने आयोजकों से डीजे के बजाय पारंपरिक संगीत के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया।

आगामी गणेश उत्सव की तैयारियों के लिए बैठक की अध्यक्षता करने वाले विधायक ने कहा कि इस मुद्दे पर नागरिकों की राय बंटी हुई है, लेकिन प्रशासन को सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘जहां तक हमारे शहर का सवाल है, हम डीजे सिस्टम नहीं चाहते। पुलिस कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करेगी, उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उपकरण ले जाने वाले उनके वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा।’’

उन्होंने गणेश मंडलों से कार्रवाई से बचने के लिए स्वेच्छा से तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की।

शिरसाट ने कहा, ‘‘मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे उत्साह और पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाएं। ऐसा होना चाहिए कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग आराम से इसमें शामिल हों और गणेश उत्सव के सांस्कृतिक सार को समझ सकें। मुझे विश्वास है कि मंडल हमारी अपील पर ध्यान देंगे।’’

इस बीच, पुणे के 31 प्रमुख गणपति मंडलों ने शनिवार को ‘‘डीजे-मुक्त’’ दही हांडी मनाने के लिए एकजुट होकर कार्यक्रम आयोजित किया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य सरकार त्योहारों के दौरान तेज आवाज वाले डीजे सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर आम सहमति बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने पारंपरिक तरीकों से त्योहार मनाने की ओर लौटने का आह्वान किया था।

भाषा अमित प्रशांत

प्रशांत