चालकों को मराठी का विशेषज्ञ बनाने की जरूरत नहीं, बुनियादी संवाद पर्याप्त : फडणवीस
चालकों को मराठी का विशेषज्ञ बनाने की जरूरत नहीं, बुनियादी संवाद पर्याप्त : फडणवीस
मुंबई, 24 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को स्पष्ट किया कि ऑटोरिक्शा एवं टैक्सी चालकों के लिए राज्य सरकार द्वारा मराठी भाषा के ज्ञान को अनिवार्य करने का उद्देश्य केवल बुनियादी संवाद सुनिश्चित करना है, न कि हिंदी भाषी चालकों को मराठी का “विशेषज्ञ” बनाना।
फडणवीस ने जोर देकर कहा कि महायुति सरकार भाषा के आधार पर किसी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर टैक्सी और ऑटोरिक्शा चालकों को मराठी का कार्यसाधक ज्ञान हासिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने 20 अगस्त से पूरे राज्य में चालकों के कामकाज से जुड़े मराठी भाषा के ज्ञान की जांच के लिए अभियान शुरू किया है।
उन्होंने कहा, “उन्हें (चालकों को) मराठी का विशेषज्ञ बनाने का कोई कारण नहीं है। उन्हें कामकाज से संबंधित बुनियादी मराठी आनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि चालकों को भाषा सीखने के लिए पहले ही अतिरिक्त समय दिया जा चुका है और अब तक किसी का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि आवश्यक स्तर की दक्षता नहीं रखने वाले चालकों को शुरुआत में भाषा सीखने का अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा था, “अगर वे इसका पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनका लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा और लगातार नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस और बैज रद्द किए जा सकते हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा था कि इस अभियान का उद्देश्य किसी की आजीविका को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मराठी भाषा तथा राज्य की पहचान और संस्कृति संरक्षित रहे।
भाषा रंजन नरेश
नरेश

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