नार्वेकर पर बीएमसी चुनाव के नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का विपक्ष का आरोप

नार्वेकर पर बीएमसी चुनाव के नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का विपक्ष का आरोप

नार्वेकर पर बीएमसी चुनाव के नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का विपक्ष का आरोप
Modified Date: January 2, 2026 / 06:41 pm IST
Published Date: January 2, 2026 6:41 pm IST

मुंबई, दो जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी शिवसेना (उबाठा) और कांग्रेस ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर नगर निगम चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने, नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और चुनाव से जुड़े सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया।

ये आरोप बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए कोलाबा स्थित निर्वाचन अधिकारी (आरओ) कार्यालय में उम्मीदवारों द्वारा 30 दिसंबर को नामांकन दाखिल करने से संबंधित हैं। यह कार्यालय तीन वार्ड के नामांकन पत्रों को संभाल रहा था। नामांकन प्रक्रिया 30 दिसंबर को समाप्त हो गई।

दक्षिण मुंबई के कोलाबा से भाजपा विधायक नार्वेकर ने इन आरोपों को ‘बेबुनियाद’ और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने बृहस्पतिवार को निकाय प्रमुख भूषण गगरानी से एक रिपोर्ट मांगी, क्योंकि कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया था कि कोलाबा के निर्वाचन अधिकारियों ने उनके नामांकन पत्र स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

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कोलाबा में नामांकन दाखिल करने में असफल रहे कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि नार्वेकर ने स्थानीय अधिकारियों पर कुछ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकार ना करने का दबाव डाला। उनका दावा है कि नार्वेकर का उद्देश्य उन संभावित उम्मीदवारों को छांटना था जो विधानसभा अध्यक्ष के रिश्तेदार तीन भाजपा उम्मीदवारों के चुनाव की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकते थे।

नार्वेकर भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में मौजूद थे।

शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि 30 दिसंबर को निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में नामांकन दाखिल करने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज गायब हो गई है।

राज्यसभा सदस्य ने सवाल किया, ‘‘यह बहुत गंभीर मामला है। राहुल नार्वेकर मुझे क्या जवाब देंगे? उनका राजनीतिक सफर शिवसेना से शुरू हुआ था। मेरी जानकारी के अनुसार, 30 दिसंबर को शाम 4 बजे के बाद की सीसीटीवी फुटेज हटा दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष की सीसीटीवी फुटेज कैसे गायब हो सकती है?’’

उन्होंने दावा किया कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद मंत्री चुनाव अधिकारियों को फोन कर रहे थे और कहा कि विपक्षी महा विकास आघाडी के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र बड़ी संख्या में खारिज कर दिए गए, खासकर ठाणे में।

शिवसेना (उबाठा) की सहयोगी कांग्रेस ने अलग से आरोप लगाया कि नार्वेकर ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया और विपक्षी उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने नार्वेकर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की।

राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे को लिखे पत्र में सपकाल ने आरोप लगाया कि नार्वेकर ने नामांकन पत्र दाखिल कर रहे विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाया और उन्हें नामांकन पत्र जमा करने से रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया।

सपकाल ने विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय के लगभग 70 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनका आरोप है कि वे नगर निगम चुनाव लड़ रहे नार्वेकर के रिश्तेदारों के लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे।

कांग्रेस नेता के अनुसार, नार्वेकर के भाई मकरंद, बहन गौरवी शिवलकर और अन्य रिश्तेदार हर्षदा ने कोलाबा के वार्ड 225, 226 और 227 से भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।

उन्होंने दावा किया कि शाम करीब 5 बजे, जब नामांकन प्रक्रिया चल रही थी, भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल करने की कोशिश कर रहे विपक्षी उम्मीदवारों को पुलिस के जरिए धमकाया गया और उन्हें नामांकन पत्र जमा करने से रोका गया।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने इस घटना को एक उच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा सत्ता का गंभीर दुरुपयोग बताया और कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के बराबर है।

सपकाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने और उन्हें डराने-धमकाने के लिए प्रशासन पर दबाव डाला।

एक संवैधानिक प्राधिकारी द्वारा इस तरह के आचरण को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए, सपकाल ने राज्य निर्वाचन आयोग से महाराष्ट्र में कानून का शासन कायम रखने और इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।

इस बीच, पूर्व सांसद हरिभाऊ राठौड़ ने शुक्रवार को दावा किया कि जब वे कोलाबा में निकाय चुनाव के लिए अपने बेटे का नामांकन दाखिल करने गए थे, तब नार्वेकर ने उनकी मौजूदगी पर आपत्ति जतायी थी।

राठौड़ ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष 30 दिसंबर को शाम 5 बजे तक निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में मौजूद थे और उन्होंने अधिकारियों को नामांकन पत्रों की प्रक्रिया धीमी करने का निर्देश भी दिया था।

पूर्व सांसद ने दावा किया, “नार्वेकर की सभी धमकियां और टिप्पणियां रिकॉर्ड में हैं। अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो ये रिकॉर्डिंग सबूत होंगी। उन्होंने मुझे धमकी भी दी थी।”

सोशल मीडिया पर सामने आये एक वीडियो में नार्वेकर कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं, “पुलिस सुरक्षा में रहते हुए भी आप यहां विरोध प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं? मुझे कल आपकी सुरक्षा हटानी पड़ेगी।”

इसके बाद नार्वेकर अपने एक सहयोगी को मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) को फोन करने का निर्देश देते हुए कहते सुनाई देते हैं, “आपको किस आधार पर पुलिस सुरक्षा दी गई है? आपको कोई सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए। आप इसके लायक नहीं हैं।”

नार्वेकर ने कथित तौर पर कहा, “हरिभाऊ राठौड़ को क्या खतरा है? वह मुंबई में हैं और यहां प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। उनकी सुरक्षा तुरंत हटा लें। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में, ये मेरे निर्देश हैं आपको।”

नार्वेकर ने विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया और इस बात पर जोर दिया दिया कि अगर कोई व्यक्ति दूसरों पर दबाव डालने की कोशिश करता है तो इस पर ध्यान देना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया।

नार्वेकर ने कहा, ‘‘जब मैं भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों के साथ निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय गया, तो कुछ लोग बाहर जमा होकर हंगामा कर रहे थे। मैंने पुलिस से उन्हें चेतावनी देने का अनुरोध किया। मुझे इस घटना के बारे में और कुछ नहीं पता।’’

सीसीटीवी फुटेज के गायब होने में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर मैं वहां नहीं था, तो मैं किसी फुटेज में कैसे दिखाई दूंगा? ऐसे निराधार आरोपों का कोई मतलब नहीं है।’

नार्वेकर ने इस बात पर जोर दिया कि एसईसी अधिकारियों के इरादों और कार्यों पर सवाल उठाना गलत है और विपक्ष पर आसन्न हार से ध्यान भटकाने के लिए आरोप लगाने का आरोप लगाया।

भाषा अमित माधव

माधव


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