‘भारत छोड़ो’ आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों की देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती है: फडणवीस
‘भारत छोड़ो’ आंदोलन के स्वतंत्रता सेनानियों की देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती है: फडणवीस
मुंबई, नौ अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन के 84 वर्ष पूरे होने पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रविवार को कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिखाई गई देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
इस अवसर पर दलीय सीमाओं से परे नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
दक्षिण मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में शहीदों के स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए स्कूली बच्चे और समाज के हर वर्ग के लोग पहुंचे।
महात्मा गांधी ने नौ अगस्त 1942 को मुंबई से ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत की थी। यह ब्रिटिश शासन के अंत का निर्णायक आह्वान बना और देश के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अगस्त क्रांति दिवस पर हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं, जिनके साहस और दृढ़ संकल्प ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश की आजादी की राह को और मजबूत किया। देशभक्ति की उनकी विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है।’’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में ‘‘करो या मरो’’ के नारे के साथ शुरू हुआ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ देश के स्वतंत्रता संग्राम में एक निर्णायक चरण साबित हुआ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि लाखों भारतीय इस आंदोलन में शामिल हुए और ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई को तेज किया।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति दी और ब्रिटिश शासन से देश को मुक्त कराने के भारतीय जनता के संकल्प की एक सशक्त अभिव्यक्ति बनकर उभरा।
भाषा खारी रंजन
रंजन

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