पवार के अस्पताल में भर्ती होने से एमवीए की राज्यसभा सीट पर बातचीत उलझी

पवार के अस्पताल में भर्ती होने से एमवीए की राज्यसभा सीट पर बातचीत उलझी

पवार के अस्पताल में भर्ती होने से एमवीए की राज्यसभा सीट पर बातचीत उलझी
Modified Date: February 27, 2026 / 01:20 pm IST
Published Date: February 27, 2026 1:20 pm IST

मुंबई, 27 फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के प्रमुख शरद पवार के “नियमित” स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भर्ती होने से महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की जीत की संभावना वाली एकमात्र राज्यसभा सीट को लेकर विपक्षी गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान तेज हो गई है।

पवार खेमे ने पार्टी नेता के अस्पताल में भर्ती होने को नियमित जांच से संबंधित बताया है, लेकिन सहयोगी शिवसेना (उबाठा) और कांग्रेस ने अस्पताल में भर्ती होने के समय पर सवाल उठाए हैं।

आगामी 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले पवार के अस्पताल में भर्ती होने से तीनों दलों के बीच इस सीट को लेकर बातचीत उलझ गई है। नामांकन की अंतिम तिथि पांच मार्च है।

अप्रैल में पवार, शिवसेना (उबाठा) की प्रियंका चतुर्वेदी, राकांपा (शरद पवार) की फौजिया खान, आरपीआई (अठावले) के रामदास अठावले, भाजपा के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और राकांपा के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा में कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उच्च सदन की सात सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को प्रस्तावित है।

महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा नीत महायुति को स्पष्ट बढ़त हासिल है। भाजपा के 132, एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के 57 और राकांपा के 41 विधायक हैं। विपक्षी खेमे में शिवसेना (उबाठा) के 20, कांग्रेस के 16 और राकांपा (शरद पवार) के 10 विधायक हैं, जबकि कुछ छोटे दल और निर्दलीय भी शामिल हैं।

पिछले माह उप मुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया, जबकि भाजपा के एक विधायक का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इसके बाद सदन की प्रभावी संख्या 286 रह गई है।

विपक्षी नेताओं का मानना है कि मौजूदा संख्या बल के आधार पर एमवीए केवल एक सीट सुनिश्चित कर सकता है और उससे अधिक का प्रयास राजनीतिक जोखिम होगा।

साल 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष की ताकत काफी घट गई है।

राकांपा के दोनों गुटों के संभावित विलय का मुद्दा भी अनिश्चितता बढ़ा रहा है। शिवसेना (उबाठा) नेताओं का कहना है कि यदि दोनों खेमे एकजुट होते हैं तो इससे भविष्य के विधान परिषद चुनावों में समीकरण बदल सकते हैं।

पवार के स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा हो रही है। शिवसेना (उबाठा) के एक नेता ने कहा, ‘‘हाल में दो बार अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें फिर “नियमित” जांच के लिए भर्ती कराया गया है। अगर स्वास्थ्य संबंधी चिंता बनी रही तो एक जनप्रतिनिधि के रूप में हम उनसे (पवार से) कितनी अपेक्षा रख सकते हैं? इसके बजाय जीत की संभावना वाली एकमात्र सीट को रणनीतिक दृष्टि से सीट शिवसेना (उबाठा) या कांग्रेस को देना अधिक उपयुक्त होगा।’’

कुछ दिन पहले शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया था कि सीट पर उनकी पार्टी का “पहला अधिकार” है। वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राष्ट्रीय दल होने के नाते कांग्रेस ने भी सीट पर दावा पेश किया है, हालांकि उम्मीदवार का फैसला तीनों दलों की सहमति से होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने संकेत दिया कि व्यापक समझौते के तहत सीट कांग्रेस को दी जा सकती है और बदले में एमवीए उद्धव ठाकरे के विधान परिषद के लिए पुनर्निर्वाचन का समर्थन कर सकता है।

राकांपा (शरद पवार) खेमे से पवार की बेटी और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने कहा कि “सबकी इच्छा है कि पवार साहब राज्यसभा जाएं।” उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से चर्चा की जाएगी तथा उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुले का बयान पवार की सहमति के बिना नहीं दिया गया होगा और इससे संकेत मिलता है कि वह स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बावजूद राज्यसभा में एक और कार्यकाल के इच्छुक हैं।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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