शांति केवल सरकार का कर्तव्य नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धता होनी चाहिए: पूर्व राष्ट्रपति कोविंद

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शांति केवल सरकार का कर्तव्य नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रतिबद्धता होनी चाहिए: पूर्व राष्ट्रपति कोविंद

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 03:27 PM IST

मुंबई, 21 मई (भाषा) पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बृहस्पतिवार को कहा कि शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल सरकारों या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर नहीं छोड़ी जा सकती, बल्कि यह हर इंसान की एक व्यक्तिगत प्रतिबद्धता होनी चाहिए।

‘बिलियनेयर्स फॉर पीस’ सम्मेलन में कोविंद ने कहा कि वर्चस्व के बजाय सहयोग पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के एक नए दृष्टिकोण को अपनाकर शांति और समृद्धि हासिल करने में मदद मिल सकती है।

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘हम गहरे वैश्विक बदलाव के दौर में जी रहे हैं। ऐसे समय में दुनिया भर के प्रत्येक शासनाध्यक्ष पर अपने लोगों का कल्याण सुनिश्चित करने की एक केंद्रीय जिम्मेदारी है… शांति की जिम्मेदारी केवल सरकारों या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर नहीं छोड़ी जा सकती। इसे हमें प्रत्येक की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता बनाना होगा।’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले से कहीं अधिक, मानवता अब एक समान नियति साझा करती है और जलवायु परिवर्तन, महामारी, आर्थिक अस्थिरता, प्रवासन व संघर्ष जैसी चुनौतियां राष्ट्रीय सीमाओं पर नहीं रुकतीं। कोविंद ने कहा, ‘हमारा भविष्य एक साथ तैरने या एक साथ डूबने के लिए तय है।’

उन्होंने रेखांकित किया कि 21वीं सदी में मानवता तभी प्रगति कर सकती है जब सभी देश एक साथ आगे बढ़ें।

भाषा सुमित नरेश

नरेश