मुंबई में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हिंसा, 10 पुलिसकर्मी घायल

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मुंबई में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हिंसा, 10 पुलिसकर्मी घायल

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 09:16 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 09:16 PM IST

मुंबई, 20 मई (भाषा) मुंबई के बांद्रा इलाके में झुग्गी बस्ती में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान बुधवार को कथित रूप से एक अवैध धार्मिक ढांचा तोड़े जाने के बाद हिंसा भड़क गई, जिसमें 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने पथराव के आरोप में 15 लोगों को हिरासत में लिया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और इस दौरान कुछ स्थानीय निवासी घायल हो गए।

पश्चिम रेलवे ने बंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद बांद्रा रेलवे स्टेशन के निकट गरीब नगर स्लम इलाके में मंगलवार को व्यापक अतिक्रमण रोधी अभियान चलाकर 500 अवैध झोपड़ियों में से अधिकतर को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों को पांच दिवसीय अभियान के दौरान रेलवे भूमि के 5200 वर्ग मीटर हिस्से पर से अतिक्रमण हटाना है।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को अतिक्रमण रोधी अभियान के दूसरे दिन दोपहर के समय झुग्गी बस्ती में स्थित तीन मंजिला मस्जिद को ढहा दिया गया। हालांकि स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि अधिकारियों ने उन्हें ध्वस्तीकरण से पहले मस्जिद परिसर के अंदर से सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया।

अधिकारी ने कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया गया, जिसमें महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए।

अधिकारी ने कहा कि इसके बाद कुछ स्थानीय निवासियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें कम से कम 10 कर्मी घायल हो गए।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिनव देशमुख ने कहा कि निर्मल नगर थानाक्षेत्र में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।

उन्होंने कहा, “कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ दस्ते पर पथराव करके काम में बाधा डालने की कोशिश की। उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उचित बल प्रयोग किया।”

देशमुख ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है और तोड़फोड़ तथा हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान वहां पर 1,000 से अधिक जवान तैनात किए गए थे। इनमें से 400 पुलिसकर्मी मुंबई के थे जबकि अन्य रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से थे। इसके अलावा रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मी भी तैनात थे।

भाषा जोहेब माधव

माधव