मुंबई, 25 सितंबर (भाषा) गणेशोत्सव के अंतिम दिन गणपति को विदाई देने के लिए शुक्रवार सुबह मुंबई में ‘‘गणपति बप्पा मोरया’’ के जयकारों और ढोल-ताशों की थाप के बीच भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन संबंधी शोभायात्राएं शुरू हुईं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सार्वजनिक गणेश पंडालों में पूजा और आरती के बाद कई प्रमुख मंडलों की विसर्जन शोभायात्राएं जयकारों, पारंपरिक संगीत तथा गुलाल और फूलों की वर्षा के बीच शुरू हुईं। कई अन्य शोभायात्राएं दिन में बाद में शुरू होंगी।
12 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। इस दिन श्रद्धालु गणपति की प्रतिमाओं का प्राकृतिक जलाशयों या कृत्रिम तालाबों में विसर्जन कर भगवान गणेश को विदाई देते हैं। इस अवसर पर मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में रंग-बिरंगी और उल्लासपूर्ण शोभायात्राएं निकाली जाती हैं।
लालबाग इलाके में महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन शोभायात्राएं एवं पुष्पवर्षा देखने एवं उत्सव का आनंद लेने के लिए सड़कों के किनारे एकत्र हुए।
गणेशोत्सव के दौरान मुंबई और देश के अन्य हिस्सों से लोग प्रसिद्ध ‘लालबागचा राजा’ समेत विभिन्न पंडालों में गणपति के दर्शन के लिए लालबाग पहुंचते हैं।
कई शोभायात्राओं में पारंपरिक ढोल-ताशा मंडलियां भी शामिल थीं और श्रद्धालु नृत्य करते एवं जयकारे लगाते हुए गिरगांव चौपाटी समेत विभिन्न विसर्जन स्थलों की ओर बढ़े।
मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने प्रतिमा विसर्जन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियंत्रित करने और शोभायात्राओं की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिनभर 24,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और बीएमसी ने 25,000 कर्मचारियों को तैनात किया है।
नगर निकाय ने कृत्रिम तालाबों, ‘लाइफगार्ड’, एम्बुलेंस, चिकित्सकीय दलों, क्रेन और अन्य आपात सेवाओं की व्यवस्था की है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने, निर्धारित विसर्जन स्थलों का इस्तेमाल करने और शोभायात्राओं के दौरान पुलिस तथा नगर निकाय कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है।
भाषा
सिम्मी संतोष
संतोष