मुंबई में सावरकर सदन के प्रस्तावित ‘ढहाने’ के खिलाफ प्रदर्शन
मुंबई में सावरकर सदन के प्रस्तावित ‘ढहाने’ के खिलाफ प्रदर्शन
ठाणे, 29 मई (भाषा) हिंदू जनजागृति समिति (एचजेएस) और कुछ अन्य दक्षिणपंथी संगठनों ने हिंदुत्व विचारक वी. डी. सावरकर के मुंबई स्थित आवास ‘सावरकर सदन’ के वाणिज्यिक पुनर्विकास के लिए कथित प्रस्तावित ढहाने के विरोध में शुक्रवार को यहां प्रदर्शन किया।
रत्नागिरि में आयोजित आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राज्य या केंद्र सरकार उस संपत्ति का तत्काल अधिग्रहण करे, जहां सावरकर 1938 से 1966 तक रहे थे और इसे ‘राष्ट्रीय स्मारक’ घोषित किया जाए।
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के लिए एचजेएस के प्रदेश समन्वयक सुनील घनवत ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में प्रस्तावित पुनर्विकास की कड़ी निंदा की।
घनवत ने कहा, ‘‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्र भारत में मुंबई स्थित ‘जिन्ना हाउस’ पूरी तरह सुरक्षित है, जबकि अखंड भारत के लिए अपना जीवन न्यौछावर करने वाले वीर सावरकर के निवास स्थान पर बिल्डर लॉबी द्वारा ढहाये जाने का खतरा मंडरा रहा है।’’
समिति ने आरोप लगाया कि हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने 2010 में ही इस ढांचे को विरासत सूची में शामिल करने की सिफारिश की थी, लेकिन महाराष्ट्र सरकार पिछले 15 वर्षों में इस पर कोई अंतिम निर्णय लेने में विफल रही है।
प्रदर्शनकारियों ने महायुति सरकार से इस स्थल को एक भव्य संग्रहालय, डिजिटल पुस्तकालय और एक शोध केंद्र में बदलने का आग्रह किया, जहां सावरकर की मूल पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया जा सके। इस आंदोलन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), विश्व हिंदू परिषद (विहिप), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सनातन संस्था के सदस्यों ने भाग लिया।
हिंदू जनजागृति समिति (एचजेएस) ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस विरासत संपत्ति को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कदम उठाने में विफल रहती है, तो पूरे महाराष्ट्र में राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।
भाषा अमित रंजन
रंजन

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