Sankashti Chaturthi 2026: आज देशभर में मनाई जा रही है संकष्टी चतुर्थी.. भगवान लम्बोदर बढ़ाएंगे ज्ञान, शक्ति, दूर होगी जीवन की हर बाधा

Sankashti Chaturthi Vrat 2026: चंद्रमा का उदय रात 8:54 बजे होने की उम्मीद है, जिसके बाद भक्त पारंपरिक रूप से चंद्रमा के दर्शन और प्रार्थना के बाद अपना व्रत तोड़ते हैं, और ज्ञान, शक्ति और बाधाओं के निवारण के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 08:47 AM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 09:54 AM IST

Sankashti Chaturthi 2026 || Image- Rudraksha Ratna file

HIGHLIGHTS
  • आज लंबोदर संकष्टी चतुर्थी व्रत
  • चंद्रोदय रात 8:54 बजे
  • बाधा निवारण के लिए विशेष पूजा

Sankashti Chaturthi Vrat 2026: रायपुर: लंबोदर संकष्टी चतुर्थी 2026 आज यानी 6 जनवरी, 2026 को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर 7 जनवरी, 2026 को सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी। इस शुभ दिन पर भक्त संकष्टी व्रत रखेंगे और भगवान गणेश के लंबोदर रूप को समर्पित संध्या कालीन पूजा करेंगे। चंद्रोदय शाम 8:54 बजे होने की संभावना है, जिसके बाद श्रद्धालु पारंपरिक रूप से चंद्र दर्शन और प्रार्थना के साथ अपना व्रत तोड़ेंगे। व्रती आज शक्ति और बाधाओं के निवारण के लिए आशीर्वाद मांगेंगे।

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय क्यों है महत्वपूर्ण? (mportant of Sankashti Chaturthi)

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का गहरा आध्यात्मिक महत्व है। भक्त चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत पूर्ण करते हैं, जिसके बाद वे भगवान गणेश को अर्घ्य अर्पित करते हैं और उनकी प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि चंद्रोदय के समय की गई पूजा से शांति, समृद्धि और दैवीय शक्ति प्राप्त होती है। जीवन में आने वाली कठिनाइयों और विलंबों से मुक्ति मिलती है।

लंबोदर संकष्टी चतुर्थी 2026 का समय (mportant on Sankashti Chaturthi)

Sankashti Chaturthi Vrat 2026: लंबोदर संकष्टी चतुर्थी आज मंगलवार 6 जनवरी, 2026 को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 6 जनवरी को सुबह 8:01 बजे शुरू होगी और 7 जनवरी, 2026 को सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी। इस शुभ दिन पर, भक्त संकष्टी व्रत रखेंगे और भगवान गणेश के लंबोदर रूप को समर्पित संध्याकालीन पूजा करेंगे।

चंद्रमा का उदय रात 8:54 बजे होने की उम्मीद है, जिसके बाद भक्त पारंपरिक रूप से चंद्रमा के दर्शन और प्रार्थना के बाद अपना व्रत तोड़ते हैं, और ज्ञान, शक्ति और बाधाओं के निवारण के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।

लम्बोदर संकष्टी पूजा अनुष्ठान और व्रत विधि (Sankashti Chaturthi Worship Procedure)

Sankashti Chaturthi Vrat 2026: इस पवित्र दिन पर, भक्त परंपरा के अनुसार:

  • पूरी श्रद्धा के साथ कठोर उपवास रखें।
  • शाम को षोडशोपचार पूजा करें
  • दूर्वा घास, मोदक, फूल, दीया और अगरबत्ती अर्पित करें।
  • गणेश मंत्रों का जाप करें और व्रत कथा पढ़ें
  • चंद्रोदय और पूजा के बाद ही व्रत तोड़ें।

ऐसा माना जाता है कि लंबोदर संकष्टि व्रत का निष्ठापूर्वक पालन करने से बाधाएं दूर होती हैं, संकल्प मजबूत होता है और सफलता एवं स्थिरता प्राप्त होती है।

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Q1. संकष्टी चतुर्थी 2026 कब मनाई जा रही है?

लंबोदर संकष्टी चतुर्थी मंगलवार 6 जनवरी 2026 को पूरे देश में मनाई जा रही है।

Q2. संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का क्या महत्व है?

चंद्र दर्शन के बाद व्रत पूर्ण करने से गणेश कृपा, शांति और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

Q3. लंबोदर संकष्टी व्रत से क्या लाभ होते हैं?

इस व्रत से ज्ञान, शक्ति, सफलता और जीवन की सभी बाधाओं का निवारण होता है।