पुणे, 11 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र में पुणे ग्रामीण पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि नशे की हालत में दो लोगों के साथ बहस होने के कारण यहां पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय युवक की हत्या हुई।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने यह टिप्पणी तब की जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि इस प्रवासी मजदूर की पुणे में बांग्ला बोलने के कारण हत्या कर दी गई।
पुलिस ने कहा कि नौ फरवरी की देर शाम शिकरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोरेगांव में हुई इस घटना का कोई अन्य पहलू नहीं है।
शिकरापुर थाने के निरीक्षक दीपरतन गायकवाड़ ने बताया, ‘प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित महतो एक स्थानीय कारखाने में काम करता था। घटना से पहले, वह दोपहर तीन बजे काम पर जाने के लिए घर से निकला था। लेकिन काम पर जाने के बजाय, वह नशे की हालत में कोरेगांव में घूमने लगा।’
उन्होंने बताया कि नशे की हालत में उसका दो लोगों से झगड़ा हो गया।
गायकवाड़ ने कहा, “हमारी प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बहस के बाद दो व्यक्तियों ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज है जिसमें युवक को अस्थिर अवस्था में दो व्यक्तियों से बहस करते हुए देखा जा सकता है। हमले की वास्तविक घटना सीसीटीवी में दर्ज नहीं हुई। हालांकि, उसकी हत्या कथित तौर पर किसी धारदार हथियार से की गई थी।’
अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चलता है कि हत्या किसी विवाद का नतीजा है जो नशे की हालत में हुआ था और इसमें कोई अन्य पहलू नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘हमने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की तलाश जारी है।’
बनर्जी ने घटना को ‘घृणा अपराध’ करार दिया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं पुरुलिया में बंदवान के रहने वाले 24 वर्षीय प्रवासी मजदूर सुखेन महतो की महाराष्ट्र के पुणे में बर्बर हत्या से स्तब्ध, क्रोधित और बेहद दुखी हूं। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह घृणा अपराध से कम नहीं है। एक युवक को उसकी भाषा, उसकी पहचान, उसकी जड़ों के कारण निशाना बनाया गया, प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह उस माहौल का सीधा परिणाम है जिसमें बाहरी लोगों के प्रति नफरत को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है।’’
उन्होंने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करके दंड दिए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘सुखेन के परिवार से मैं कहना चाहती हूं कि इस असहनीय दुख की घड़ी में पश्चिम बंगाल आपके साथ है। न्याय दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।’’
भाषा
नोमान नरेश
नरेश