पुणे, 24 मई (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यहां की एक अदालत को बताया कि नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार पुणे के एक स्कूल की प्रधानाचार्य मनीषा संजय हवलदार ने पैसे लेकर कुछ छात्रों को परीक्षा से संबंधित प्रश्न और सामग्री उपलब्ध कराई थी। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि संघीय एजेंसी ने मनीषा की ट्रांजिट रिमांड का अनुरोध करते हुए यह दलील दी।
सीबीआई ने शुक्रवार को मनीषा को गिरफ्तार किया और उन्हें कथित प्रश्नपत्र लीक का एक और सूत्रधार बताया। सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला की प्रधानाचार्य मनीषा, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 के लिए भौतिकी विषय के अनुवादक पैनल में शामिल थीं।
गिरफ्तारी के बाद मनीषा को पुणे की एक अदालत में पेश किया गया और फिलहाल वह ट्रांजिट रिमांड पर हैं। सोमवार को उन्हें दिल्ली की एक अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
सीबीआई ने पुणे अदालत को बताया कि मामले की जांच में पता चला है कि मनीषा हवलदार ने वनस्पति विज्ञान की शिक्षिका मनीषा मांढरे (जो अब हिरासत में हैं) के साथ मिलकर कथित तौर पर कुछ छात्रों को पैसों के बदले में नीट से संबंधित प्रश्न और सामग्री उपलब्ध की थी।
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने अदालत को बताया कि मनीषा हवलदार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में अपने कार्य के दौरान नीट से संबंधित प्रश्नों वाले हस्तलिखित नोट तैयार किए थे और अपने पास रखे थे।
आरोप है कि इसका इस्तेमाल नीट परीक्षा से पहले परीक्षा संबंधी सामग्री कुछ छात्रों को व्हाट्सएप और प्रिंटआउट के माध्यम से पहुंचाने के लिए किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि मनीषा हवलदार ने स्वीकार किया है कि उन्होंने नीट-यूजी 2026 के भौतिकी के प्रश्न, जिनका उन्होंने अनुवाद किया था, एक छात्र और पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस की वनस्पति विज्ञान की व्याख्याता मनीषा मांढरे को साझा किये थे।
भाषा शफीक सुभाष
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