नागपुर, 18 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को नागपुर के एक राम मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती की। यह कार्यक्रम अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के खिलाफ उनके ‘राम रक्षा आंदोलन’ से पहले आयोजित किया गया था।
शहर के राम नगर इलाके में राम मंदिर में पूजा और आरती के दौरान उद्धव ठाकरे के साथ आदित्य ठाकरे, संजय राउत, पार्टी के विधायक, नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
पूजा-अर्चना के बाद, उन्होंने अपनी पार्टी के ‘राम रक्षा आंदोलन’ के तहत मंदिर के बाहर जमा लोगों को संबोधित किया।
राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला पिछले महीने सामने आया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इन आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट 23 जून को सौंपे जाने के बाद, 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया।
इससे पहले ठाकरे ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन स्थल से हटाने के लिये केंद्र सरकार की आलोचना की।
ठाकरे ने केंद्र से विरोध कर रहे युवाओं से बातचीत करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों की जान की परवाह नहीं करती है।
ठाकरे ने कहा, “वांगचुक को जिस तरह जंतर-मंतर से हटाया गया, वह शर्मनाम है। वांगचुक अपनी जान देने की कगार पर हैं और कई युवा भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन भाजपा सरकार को नागरिकों या युवाओं की जान की कोई परवाह नहीं है।”
भाषा प्रशांत पवनेश
पवनेश