मुंबई, तीन सितंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि राम मंदिर न्यास के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति करके अयोध्या राम मंदिर को ‘कंपनी की तर्ज पर’ चलाने की शुरुआत कर दी गई है।
राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने चढ़ावे में चोरी के आरोपों के बाद किए गए बड़े फेरबदल के तहत बुधवार को सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला सीईओ और पूर्व कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नया महासचिव नियुक्त किया।
राउत ने दावा किया, ‘पहली बार राम मंदिर के लिए कोई सीईओ बनाया गया है। इसका मतलब है कि मंदिर को कंपनी की तर्ज पर ढाला जा रहा है। जहां व्यापार होता है, वहीं सीईओ, प्रबंध निदेशक और निदेशक होते हैं।’
राउत ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 7.8 प्रतिशत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के लिए देशवासियों की सराहना की थी और कहा था कि यह उपलब्धि युद्धों, अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के बावजूद हासिल की गई है।
इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने हालांकि कहा था कि यदि पिछले वर्ष की जीडीपी को लगभग 86 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 80 लाख करोड़ रुपये न किया गया होता, तो मौजूदा कीमतों पर जीडीपी वृद्धि दर लगभग 2.6 प्रतिशत ही होती।
इस विवाद पर राउत ने दावा किया कि देश की जनता को धोखा दिया जा रहा है।
शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य ने सवाल उठाया कि अगर जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है, तो सरकार 85 करोड़ नागरिकों को मुफ्त अनाज क्यों दे रही है और ‘लाडकी बहिन’ को (योजना के तहत) 1500 रुपये देकर उन्हें ‘गुलाम’ क्यों बना रही है।
राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने सलाहकारों को बदल देना चाहिए।
भाषा सुमित माधव
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