RC Chavan Resignation: UCC कमिटी में मचा बवाल! रिटायर्ड जज ने यूसीसी समिति से दिया इस्तीफा, जानिए क्यों लिया ये फैसला?

Ads

RC Chavan Resignation: UCC कमिटी में मचा बवाल! रिटायर्ड जज ने यूसीसी समिति से दिया इस्तीफा, जानिए क्यों लिया ये फैसला?

  •  
  • Publish Date - September 22, 2026 / 12:13 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 12:14 PM IST

RC Chavan Resignation | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • पूर्व न्यायमूर्ति आर. सी. चव्हाण का इस्तीफा
  • कामकाज पर जताई असहमति
  • राज्य से बाहर अधिकारी पर सवाल

मुंबई: RC Chavan Resignation पूर्व न्यायमूर्ति आर. सी. चव्हाण ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने के लिए मसौदा तैयार करने के वास्ते महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित समिति से इस्तीफा (RC Chavan Resignation from UCC) दे दिया है। उन्होंने समिति के कामकाज और राज्य के बाहर के एक अधिकारी की इसमें भागीदारी को लेकर असहमति का हवाला देते हुए यह कदम उठाया।

इस्तीफे के पत्र में जताईं कई चिंताएं

RC Chavan Resignation महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया था, जिसे राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए रूपरेखा तैयार करने का काम सौंपा गया था। उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश चव्हाण ने 19 सितंबर को समिति से इस्तीफा दे दिया। चव्हाण ने अपने इस्तीफे के पत्र में कई चिंताएं जताईं और आरोप लगाया कि बैठकों को बिना सार्थक चर्चा के ही समाप्त कर दिया जाता था।

किया बड़ा दावा

उन्होंने दावा किया कि बैठक के एजेंडे में शामिल कार्यवाही के विवरण की पुष्टि, वेबसाइट में बदलाव और प्रश्नावली को अंतिम रूप देने जैसे मुद्दों को अध्यक्ष के निर्देश पर जल्दबाजी में निपटा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रश्नावली तैयार करने को लेकर सदस्यों के सुझावों पर भी विचार नहीं किया गया। इन सुझावों में देर से विवाह, बांझपन, अस्थिर विवाह और विवादों के समाधान जैसे मुद्दों पर लोगों की विस्तृत राय जानने के लिए प्रश्नावली तैयार करने का सुझाव भी शामिल था। उन्होंने कहा कि समिति की अध्यक्ष ने जिस प्रश्नावली को अंतिम रूप दिया था, वह पहले ही वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए प्रसारित की जा चुकी थी।

भागीदारी पर भी उठाया सवाल

चव्हाण ने समिति में राज्य के बाहर के एक अधिकारी की भागीदारी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के अधिकारियों को शायद यह महसूस हो सकता है कि वे यह काम करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए दूसरे राज्य के एक अधिकारी को बुलाना पड़ा।’’ न्यायमूर्ति चव्हाण ने कहा, ‘‘यह भी हो सकता है कि उन्हें यह पता ही नहीं था कि समिति के कामकाज में उस अधिकारी को किस भूमिका में शामिल किया जाए।’’ पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस समस्या का समाधान करने के लिए मैं अब समिति में अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं, ताकि सरकार जल्द से जल्द इस रिक्त स्थान को भर सके।’’ उन्होंने कहा कि समिति में काम करना उनके लिए सीखने का अनुभव रहा और उन्होंने समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।

इन्हें भी पढ़ें:-

आर. सी. चव्हाण कौन हैं?

उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश।

उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया?

समिति के कामकाज और राज्य से बाहर के अधिकारी की भागीदारी पर असहमति।

समिति का गठन कब हुआ था?

जुलाई 2026 में, रंजना देसाई की अध्यक्षता में।