(फाइल फोटो के साथ)
मुंबई, दो सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख रवींद्र चव्हाण ने सुझाव दिया है कि पार्टी की युवा शाखा को मनसे नेताओं की टिप्पणियों पर विरोध नहीं करना चाहिए। हालांकि चव्हाण के इस सुझाव पर राज्य के भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने बुधवार को कहा कि अगर कोई उनके कार्यक्रमों में बाधा डालने की कोशिश करेगा तो वे भी उसी तरह जवाब देंगे।
मंगलवार शाम को मुंबई में भाजपा की एक बैठक में चव्हाण ने कहा, ‘‘कल का कोई लड़का कुछ कह देता है, कोई उसे सुन लेता है और कोई जाकर तस्वीर हटा देता है। हमें इसके खिलाफ प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से मेरी अपील है कि वे प्रदर्शन नहीं करें। हमारा उद्देश्य युवाओं को शिक्षित करना है, उन्हें गुंडा बनाना नहीं।’’
वह भाजयुमो के अध्यक्ष कृष्णराज महाडिक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच हुए टकराव का जिक्र कर रहे थे। भाजयुमो ने मनसे नेता अमित ठाकरे के खिलाफ विरोध मार्च निकाला था। अमित ठाकरे ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पुणे के एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर हटाने को कहा था।
चव्हाण की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाडिक ने कहा, ‘‘हमने हमेशा चव्हाण के आदेशों का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे। लेकिन युवा मोर्चा एक ऐसी शाखा है जहां हर युवा अपनी भावनाएं जाहिर कर सकता है। हम ऐसी पीढ़ी नहीं हैं जो अपनी भावनाओं को दबाकर रखे। कल जो हुआ, सो हुआ।’’
मंगलवार को पुणे और मुंबई में उस वक्त तनाव बढ़ गया जब तस्वीर हटाने के मुद्दे पर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं और मनसे समर्थकों के बीच झड़प हो गई जिसके बाद दादर और माहिम में पुलिस ने लोगों को हिरासत में लिया।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य धनंजय महाडिक के बेटे कृष्णराज महाडिक ने आरोप लगाया कि ‘‘प्रधानमंत्री के अपमान’’ के विरोध में प्रदर्शन के दौरान मनसे कार्यकर्ताओं ने भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरी घटना के सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो को ठीक से देखने के बाद हमने पाया कि हमारे सभी भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए माहिम नाका पर अनुशासित ढंग से इकट्ठा हुए थे। मनसे कार्यकर्ता पीछे से आए और हमारे कुछ कार्यकर्ताओं को धक्का देने की कोशिश की। हमारे कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें वैसा ही जवाब दिया।’’
महाडिक ने कहा, ‘‘मैं उन्हें बस यही चुनौती देता हूं कि अगर भविष्य में भाजपा युवा मोर्चा के किसी भी कार्यक्रम में आप (मनसे) इस तरह की कोई कार्रवाई करने की कोशिश करेंगे तो आपको वैसा ही जवाब मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि उनका विरोध प्रधानमंत्री मोदी और उनके पद के अपमान के खिलाफ था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनसे नेता अमित ठाकरे ने पुणे के एक सरकारी कॉलेज में मोदी की तस्वीर लगाने पर आपत्ति जताकर संविधान का अपमान किया है।
इस घटना को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद’’ बताते हुए महाडिक ने दावा किया कि सरकारी दफ्तरों में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की तस्वीरें लगाने का प्रावधान है।
मंगलवार को भाजपा युवा मोर्चा ने मुंबई में मनसे प्रमुख राज ठाकरे के आवास ‘शिवतीर्थ’ के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की।
महाडिक ने इसके विरोध में ठाकरे के आवास तक प्रदर्शन की योजना बनाई थी लेकिन मनसे कार्यकर्ताओं ने आवास के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया था। दोनों गुटों के बीच टकराव की आशंका के चलते पुलिस ने माहिम के पास भाजयुमो कार्यकर्ताओं को रोक दिया।
इसके बाद चव्हाण ने अमित ठाकरे के बयानों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के युवा शाखा के फैसले पर नाराजगी जताई और कहा कि पार्टी को अपने युवा कार्यकर्ताओं को मुश्किल हालात में नहीं डालना चाहिए।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमित ठाकरे ने सोमवार को पुणे के सरकारी पॉलिटेक्निक का दौरा किया और छत्रपति शिवाजी महाराज एवं डॉ. बी.आर. आंबेडकर की तस्वीरों के साथ मोदी की तस्वीर लगाए जाने पर आपत्ति जताई। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने वह तस्वीर हटा दी। इस घटना के सिलसिले में पुणे पुलिस ने मनसे के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
भाषा सुरभि मनीषा
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