रोहित पवार ने अजित पवार के आवासों के पास काला जादू किये जाने के घटना की जांच की मांग की

रोहित पवार ने अजित पवार के आवासों के पास काला जादू किये जाने के घटना की जांच की मांग की

रोहित पवार ने अजित पवार के आवासों के पास काला जादू किये जाने के घटना की जांच की मांग की
Modified Date: March 20, 2026 / 05:02 pm IST
Published Date: March 20, 2026 5:02 pm IST

मुंबई, 20 मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)- शरदचंद्र पवार (शप) नेता रोहित पवार ने शुक्रवार को दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आवासों के पास पिछले साल कथित तौर पर किए गए काले जादू की घटनाओं की गहन जांच और इन कृत्यों को अंजाम देने वाले लोगों की पहचान करने की मांग की।

अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।

इस हादसे में चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी।

रोहित पवार ने पार्टी सहयोगी अमोल मितकारी द्वारा ‘एक्स’ पर दिए गए बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पुणे जिले के भिगवान रोड स्थित सहयोग सोसाइटी में अजित पवार के आवास के बाहर और मुंबई में देवगिरी बंगले के पास कथित तौर पर की जा रही काला जादू की घटनाओं की खबरें ‘बेहद चिंताजनक’ हैं, जिनमें नासिक के एक ज्योतिषी का कथित तौर पर हाथ है।

उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य में अंधविश्वास या इस तरह की धोखाधड़ी के लिए कोई जगह नहीं है। फिर भी, सामने आ रही जानकारी से मामला बेहद गंभीर प्रतीत होता है।”

अजित पवार के भतीजे व करजात-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने अधिकारियों से घटनाक्रम की जांच कराने और इन कृत्यों को अंजाम देने वालों के साथ-साथ उनके राजनीतिक मकसद का पता लगाने का आग्रह किया।

इससे पहले, विधायक मितकारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पुणे जिले में नवंबर 2025 में कथित तौर पर किए गए काले जादू के अनुष्ठानों पर गंभीर सवाल उठाए थे और मामले की विस्तृत जांच की मांग की थी।

उन्होंने दावा किया कि ये अनुष्ठान स्वयंभू ज्योतिषी अशोककुमार खरात द्वारा संचालित ‘शिवलिका आश्रम’ से कथित तौर पर जुड़े हुए थे।

मितकारी ने खरात को ‘पाखंडी बाबा’ बताया। मितकारी ने कहा कि खरात का वीएसआर कनेक्शन सामने आया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि अजित पवार ने 27 जनवरी को पुणे की सड़क यात्रा तय होने के एक दिन बाद 28 जनवरी को वीएसआर द्वारा संचालित विमान से यात्रा क्यों की?

मितकारी ने पूछा कि विमान यात्रा किसके कहने पर की गई थी और यह भी जानना चाहा कि क्या पवार का कोई करीबी सहयोगी खरात का अनुयायी है?

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


लेखक के बारे में