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Sehar Shaikh Fake OBC Certificate: मुंबई: मुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा इलाके में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। AIMIM की पार्षद और ‘कैसा हराया’ डायलौग से फेमस हुईं सहर शेख पर फर्जी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस विवाद के बीच सहर शेख पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रही थीं और उन्हें ‘नॉट रिचेबल’ बताया जा रहा था। हालांकि अब वह अचानक मीडिया के सामने आईं और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश रची जा रही है।
#WATCH | Thane, Maharashtra: On the fake caste certificate row, AIMIM corporator Sahar Yunus Shaikh says, “… I am being accused that I made fake documents and contested elections… People have put allegations on me… As a human, I am shocked by the lies that are being… pic.twitter.com/WbpxjiNNFK
— ANI (@ANI) April 20, 2026
मीडिया से बातचीत में सहर शेख ने दावा किया कि उनका और उनके परिवार का कास्ट सर्टिफिकेट पूरी तरह वैध है और यह उनके पिता के मूल दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार ने उत्तर प्रदेश में रहने वाले अपने एक चाचा का जाति प्रमाण पत्र भी पेश किया है, जिसे ठाणे कलेक्टर कार्यालय द्वारा सत्यापित किया गया बताया गया है। सहर ने सवाल उठाया कि जब एक ही अधिकारी ने उनके पिता और शिकायतकर्ता दोनों को प्रमाण पत्र जारी किया, तो एक को सही और दूसरे को गलत कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने मीडिया पर ‘मीडिया ट्रायल’ चलाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ झूठी थ्योरी गढ़ी गई है।
इस पूरे विवाद में उस समय और मोड़ आ गया जब उनसे वानखेड़े स्टेडियम जाने को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर सहर शेख नाराज हो गईं और उन्होंने अपनी निजी जिंदगी पर सवाल उठाने को अनुचित बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कभी ‘नॉट रिचेबल’ नहीं थीं और हमेशा अपने क्षेत्र की जनता के बीच मौजूद रहती हैं। दूसरी ओर, सहर शेख और उनके पिता यूनुस शेख पर आरोप है कि चुनाव लड़ने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए गए, जिसे जांच में बोगस बताया गया था। इस मामले ने ठाणे के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और अब सहर के सामने आने से पूरे विवाद में नया मोड़ आ गया है।