Sehar Shaikh Fake OBC Certificate: फेक कास्ट सर्टिफिकेट बनवाकर चुनाव जीत पाईं ‘कैसा हराया’ वाली पार्षद? पिता पर भी लगे ये गंभीर आरोप, अब सामने आकर दी सफाई

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Sehar Shaikh Fake OBC Certificate: मुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा इलाके में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। AIMIM की पार्षद और 'कैसा हराया' डायलौग से फेमस हुईं सहर शेख पर फर्जी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के गंभीर आरोप लगे हैं।

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 02:36 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 02:46 PM IST

mumbra news/ image source: ANI x handle

HIGHLIGHTS
  • सहर शेख पर फर्जी सर्टिफिकेट
  • आरोप मुंब्रा में बढ़ा राजनीतिक बवाल
  • मीडिया ट्रायल का लगाया आरोप

Sehar Shaikh Fake OBC Certificate: मुंबई: मुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा इलाके में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। AIMIM की पार्षद और ‘कैसा हराया’ डायलौग से फेमस हुईं सहर शेख पर फर्जी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस विवाद के बीच सहर शेख पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रही थीं और उन्हें ‘नॉट रिचेबल’ बताया जा रहा था। हालांकि अब वह अचानक मीडिया के सामने आईं और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश रची जा रही है।

Thane Mumbra political controversy: सहर शेख ने क्या कहा ?

मीडिया से बातचीत में सहर शेख ने दावा किया कि उनका और उनके परिवार का कास्ट सर्टिफिकेट पूरी तरह वैध है और यह उनके पिता के मूल दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार ने उत्तर प्रदेश में रहने वाले अपने एक चाचा का जाति प्रमाण पत्र भी पेश किया है, जिसे ठाणे कलेक्टर कार्यालय द्वारा सत्यापित किया गया बताया गया है। सहर ने सवाल उठाया कि जब एक ही अधिकारी ने उनके पिता और शिकायतकर्ता दोनों को प्रमाण पत्र जारी किया, तो एक को सही और दूसरे को गलत कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने मीडिया पर ‘मीडिया ट्रायल’ चलाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके खिलाफ झूठी थ्योरी गढ़ी गई है।

AIMIM corporator case news: क्या है पूरा मामला ?

इस पूरे विवाद में उस समय और मोड़ आ गया जब उनसे वानखेड़े स्टेडियम जाने को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर सहर शेख नाराज हो गईं और उन्होंने अपनी निजी जिंदगी पर सवाल उठाने को अनुचित बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कभी ‘नॉट रिचेबल’ नहीं थीं और हमेशा अपने क्षेत्र की जनता के बीच मौजूद रहती हैं। दूसरी ओर, सहर शेख और उनके पिता यूनुस शेख पर आरोप है कि चुनाव लड़ने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए गए, जिसे जांच में बोगस बताया गया था। इस मामले ने ठाणे के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और अब सहर के सामने आने से पूरे विवाद में नया मोड़ आ गया है।

इन्हें भी पढ़ेंः-

मामला किससे जुड़ा है?

सहर शेख के कास्ट सर्टिफिकेट से

आरोप क्या हैं?

फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट का आरोप

सहर शेख का जवाब क्या?

सभी आरोपों को किया खारिज