भारत के रक्षा विनिर्माण में सुधार के लिए सेमीकंडक्टर नीति महत्वपूर्ण: नौसेना प्रमुख

भारत के रक्षा विनिर्माण में सुधार के लिए सेमीकंडक्टर नीति महत्वपूर्ण: नौसेना प्रमुख

भारत के रक्षा विनिर्माण में सुधार के लिए सेमीकंडक्टर नीति महत्वपूर्ण: नौसेना प्रमुख
Modified Date: February 25, 2025 / 03:25 pm IST
Published Date: February 25, 2025 3:25 pm IST

मुंबई, 25 फरवरी (भाषा) नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा है कि भारत की सेमीकंडक्टर नीति ‘अर्थव्यवस्था के लिए नया ईंधन’ है और देश के रक्षा विनिर्माण में सुधार के लिए अहम है।

एडमिरल त्रिपाठी ने सोमवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निजी क्षेत्र भी आगे आए।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत को आत्मनिर्भर बनना है तो निजी उद्योग को रक्षा विनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।’’

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने इस वर्ष रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडीईएक्स) योजना के वास्ते 450 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं जिसका उद्देश्य स्टार्टअप और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को नवाचार में मदद करना है।

उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्रालय ने अपने आधुनिकीकरण बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा रक्षा उद्योग के लिए निर्धारित किया है, जो लगभग एक लाख करोड़ रुपये है। और इसमें से 25 प्रतिशत हिस्सा इस बजट में निजी रक्षा उद्योग के लिए निर्धारित किया गया है। इस वर्ष आईडीईएक्स योजना के लिए 450 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।”

नौसेना अध्यक्ष ने कहा, “ सेमीकंडक्टर नीति से सकारात्मक उम्मीदें हैं, खास तौर पर प्रौद्योगिकी आधारित नौसेना के लिए। यह नई नीति निश्चित रूप से नागरिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों को लाभान्वित करेगी। यह अर्थव्यवस्था के लिए नया ईंधन है।”

उन्होंने नौसेना की भविष्य की प्रौद्योगिकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उद्योग जगत के अग्रणी लोगों के साथ सहयोग का आह्वान किया।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश


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