शिवसेना (उबाठा) के नेताओं के दल-बदल की आशंका, शिंदे की शिवसेना ने कहा:हमारे दरवाजे खुले हैं

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शिवसेना (उबाठा) के नेताओं के दल-बदल की आशंका, शिंदे की शिवसेना ने कहा:हमारे दरवाजे खुले हैं

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  • Publish Date - June 16, 2026 / 07:42 PM IST,
    Updated On - June 16, 2026 / 07:42 PM IST

मुंबई, 16 जून (भाषा) अपने सांसदों को तोड़े जाने की संभावित कोशिशों को लेकर शिवसेना (उबाठा) खेमे में उथल-पुथल के संकेतों के बीच, प्रतिद्वंद्वी शिवसेना नेता प्रताप सरनाइक ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी के दरवाजे उन सभी के लिए खुले हैं जो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विश्वास रखते हैं।

शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात की, जो शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े हैं।

इससे एक दिन पहले, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल चार ही व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे।

महाराष्ट्र के मंत्री सरनाईक ने कहा कि जो कोई भी शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के आदर्शों और उपमुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व में विश्वास रखता है, उसका स्वागत है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर सांसद और विधायक जैसे जन-प्रतिनिधि अपने नेतृत्व पर भरोसा नहीं करते हैं तथा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा करना चाहते हैं, तो उनके लिए शिवसेना के दरवाज़े खुले हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे भविष्य में कभी ऐसा सोचते हैं, तो हम उन्हें प्राथमिकता देंगे।’’

शिवसेना (उबाठा) के नेताओं ने कहा है कि पार्टी के सभी लोकसभा सदस्य उद्धव ठाकरे के साथ हैं।

पार्टी नेता संजय राउत ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘‘शिवसेना (उबाठा) के सभी सांसद एकजुट हैं और एकजुट ही रहेंगे।’’

रविवार को उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ऑनलाइन शामिल हुए। राउत ने बताया कि संजय जाधव ने ठाकरे से फोन पर बात की।

यवतमाल-वाशिम के सांसद देशमुख ने कहा कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से बैठक में हिस्सा नहीं लिया।

लेकिन सोमवार को दिल्ली में उन्होंने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात की, जिससे उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गईं।

भाषा

राजकुमार पवनेश

पवनेश