विधान भवन के कुछ कर्मी फर्जी पत्र के आधार पर पास बना 2000-2500 रुपये में बेचते थे : सावंत

विधान भवन के कुछ कर्मी फर्जी पत्र के आधार पर पास बना 2000-2500 रुपये में बेचते थे : सावंत

विधान भवन के कुछ कर्मी फर्जी पत्र के आधार पर पास बना 2000-2500 रुपये में बेचते थे : सावंत
Modified Date: March 16, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: March 16, 2026 7:15 pm IST

मुंबई, 16 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सोमवार को कहा कि विधान भवन के कुछ कर्मचारियों ने उनके विभाग के फर्जी लेटरहेड तैयार किए, जिन पर अधिकारियों के नाम और स्कैन किए गए हस्ताक्षर थे, ताकि उनके आधार पर पास प्राप्त कर उन्हें दो से ढाई हजार रुपये में बेचा जा सके।

मंत्री ने विधान परिषद को सूचित किया कि उक्त अधिकारी महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) से संबंधित हैं।

सामंत ने बताया, ‘‘विधान भवन कार्यालय से पास प्राप्त करने के लिए 50 अधिकारियों के नाम, पदनाम और स्कैन किए गए हस्ताक्षरों वाला एक नकली लेटरहेड तैयार किया गया था।’’ उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में इसकी शिकायत की गई थी, जिसने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

मंत्री ने कहा, ‘‘यह संज्ञान में आया है कि राज्य विधा मंडल के कर्मचारी कई विभागों के फर्जी लेटरहेड तैयार करते हैं और पास बनाने के लिए 2000-2500 रुपये वसूलते हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है।’’

सामंत ने बताया कि जब राज्य विधानमंडल के अधिकारियों ने इन नकली लेटरहेड बनाने में शामिल लोगों से पूछताछ की, तो इन कर्मियों ने दावा किया कि यह उनकी पहली और आखिरी गलती थी। उन्होंने विधान परिषद के सभापति राम शिंदे को उक्त पत्र भी सौंपे।

सामंत ने कहा, ‘‘इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और राज्य विधानमंडल के कर्मचारियों का ऐसा करना गलत है।’’

इसपर शिंदे ने कहा, ‘‘ हमें भी इसकी जानकारी मिली है और हमने जांच शुरू कर दी है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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