भारत में अवैध रूप से रहने के लिए श्रीलंका के नागरिक को एक साल कठोर कारावास की सजा
भारत में अवैध रूप से रहने के लिए श्रीलंका के नागरिक को एक साल कठोर कारावास की सजा
ठाणे, 25 फरवरी (भाषा) ठाणे की एक अदालत ने भारत में अवैध रूप से रहने के जुर्म में श्रीलंका के 36 वर्षीय एक नागरिक को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वसुधा एल भोसले ने 20 फरवरी को पारित आदेश में कहा कि सजा पूरी होने के बाद दोषी को श्रीलंका प्रत्यर्पित कर दिया जाए। दोषी की पहचान अरुमहद्दी जनिथ मदुसांघा डिसिल्वा उर्फ पोडी लेसी के रूप में हुई है।
अदालत ने विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी को दोषी ठहराया, लेकिन पर्याप्त सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए धोखाधड़ी और जालसाजी सहित कई अन्य आरोपों से बरी कर दिया।
लेसी को अदालत ने एक साल, एक महीने और छह दिन के कठोर कारावास की सजा सुनाई जो कि जनवरी 2025 में उसकी गिरफ्तारी के बाद से हिरासत में बिताया गया ठीक उतना ही समय है।
अदालत ने लेसी पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने ठाणे पुलिस आयुक्त को उसे श्रीलंका प्रत्यर्पित करने का निर्देश दिया।
अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी से जब्त किया गया मोबाइल फोन नीलाम किया जाए और उससे प्राप्त राशि सरकार को सौंप दी जाए, जबकि उसके पास से बरामद फर्जी आधार कार्ड और सिम कार्ड नष्ट कर दिए जाएं।
अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि 13 जनवरी, 2025 को लेसी महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड स्थित काशीगांव के एक होटल में बिना पासपोर्ट या वीजा के रहते हुए पाया गया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान, आरोपी ने दावा किया कि वह भारतीय है और उसे फंसाया गया है, लेकिन वह अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज पेश करने में विफल रहा।
न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस लेसी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप साबित करने में विफल रही।
भाषा
राखी मनीषा
मनीषा

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