चंद्रपुर, छह अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित ताडोबा-अंधारी बाघ अभयारण्य (टीएटीआर) ने होमस्टे को बढ़ावा देने और अभयारण्य के आसपास समुदाय-आधारित पर्यटन को विकसित करने के लिए अल्पकालिक आवास मंच ‘एयरबीएनबी’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर 29 जुलाई को नागपुर में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में ‘एयरबीएनबी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य होमस्टे को अधिक घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद करना है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि अभयारण्य के बफर क्षेत्र के गांवों में करीब 100 होमस्टे संचालित हो रहे हैं। इसके अनुसार, इस साझेदारी के तहत ‘एयरबीएनबी’ होमस्टे और ‘बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ संचालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करेगा। पहले चरण में 30 होमस्टे को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
टीएटीआर के क्षेत्र निदेशक प्रभु नाथ शुक्ला ने कहा कि समुदाय के स्वामित्व वाले होमस्टे सतत पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल सामुदायिक भागीदारी के जरिए स्थानीय लोगों की आजीविका, पर्यटकों के अनुभव और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करेगी।
एयरबीएनबी के भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कंट्री हेड अमनप्रीत बजाज ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य पर्यटन का लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुंचाना और इसे अधिक टिकाऊ बनाना है।
भाषा प्रचेता वैभव
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