अमरावती, पांच अप्रैल (भाषा) भारत में युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथी बनाने में शामिल विदेशी संचालकों और आईएसआईएस सहित चरमपंथी संगठनों से संदिग्ध तौर जुड़े एक आतंकी गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। खुफिया विभाग के एक सूत्र ने रविवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले आंध्र प्रदेश पुलिस ने बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान में टीम तैनात की थीं ताकि नेटवर्क से जुड़े दक्षिणी राज्य के तीन लोगों सहित 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा सके।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ और उसके सहयोगी जिहादी ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने और ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने में लगे कार्यकर्ताओं के संपर्क में थे।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि समूह की विस्तार करने की रणनीति के तहत महिलाओं को एक अलग ‘ख्वातीन’ शाखा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।
खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में लगे विदेशी संचालकों और ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया’ (आईएसआईएस) व ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (एक्यूआईएस) जैसे चरमपंथी संगठनों से जुड़े एक जिहादी गिरोह का पर्दाफाश किया गया है।’
यह समूह सक्रिय रूप से चरमपंथी सामग्री साझा कर रहा था और विदेशी संचालकों के साथ संपर्क में था।
आरोप है कि इन लोगों ने ओसामा बिन लादेन, इसरार अहमद शेख, जाकिर नाइक और अनवर अल-अवलाकी के वीडियो प्रसारित किए ताकि मुस्लिम युवाओं को जिहाद और चरमपंथी विचारधाराओं से प्रभावित किया जा सके।
पुलिस को पता चला कि इस समूह ने 40 से अधिक सोशल मीडिया खातों के माध्यम से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया और बांग्लादेश में स्थित संचालकों से संपर्क स्थापित किया था, जिसका उद्देश्य ‘हिजरत’ को सुविधाजनक बनाना और भारत में एक इस्लामी राज्य (खिलाफत) की स्थापना करना था।
अधिकारी ने बताया कि अल-हकीम शुकूर, मोहम्मद हुजैफा, निंजा, हेमरोक्सी, अबू मुहरिब और अबू बलुशी के रूप में पहचाने गए संचालकों ने कथित तौर पर समूह को आतंकवादी प्रशिक्षण, स्नाइपर राइफल सहित हथियारों के उपयोग और हथियारों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के बारे में मार्गदर्शन दिया।
कुछ कट्टरपंथी व्यक्ति पहले से ही विदेशों में मदरसों में जिहादी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे, जबकि नेटवर्क में और अधिक लोगों की भर्ती के प्रयास जारी हैं।
आरोपियों में से एक सईदा बेगम, पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर में सक्रिय कार्यकर्ताओं के संपर्क में थी और कथित तौर पर जिहादी गतिविधियों के समन्वय की योजना बना रही थी।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश