ठाणे की अदालत ने प्रतिबंधित गुटखा बेचने के आरोप से दो लोगों को बरी किया

ठाणे की अदालत ने प्रतिबंधित गुटखा बेचने के आरोप से दो लोगों को बरी किया

ठाणे की अदालत ने प्रतिबंधित गुटखा बेचने के आरोप से दो लोगों को बरी किया
Modified Date: June 20, 2026 / 12:29 pm IST
Published Date: June 20, 2026 12:29 pm IST

ठाणे, 20 जून (भाषा) ठाणे की एक सत्र अदालत ने प्रतिबंधित गुटखा रखने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक बेकरी के दो कर्मचारियों को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा और अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आर एम राठौड़ ने सितंबर 2023 में मीरा रोड पुलिस द्वारा दर्ज मामले में 19 जून को फैसला सुनाते हुए वहाजुद्दीन मोहम्मद यूनुस अंसारी (30) और अब्दुल्ला उर्फ मोहम्मद अफान अब्दुलरहमान अंसारी (24) को बरी कर दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने मीरा रोड इलाके में एक बेकरी पर छापा मारकर 30,632 रुपये मूल्य के प्रतिबंधित गुटखा उत्पाद जब्त किए थे।

इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (एफएसएसए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अदालत ने कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष ने ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया जिससे यह साबित हो कि आरोपियों ने नुकसान पहुंचाने के इरादे से या यह जानते हुए किसी व्यक्ति को कोई ऐसा पदार्थ दिया कि उससे उसे नुकसान पहुंचने की आशंका थी।’’

अदालत ने कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष ने ऐसे किसी स्वतंत्र गवाह से पूछताछ नहीं की, जिसने शिकायत की हो कि उसे इस तरह का कोई खाद्य या पेय पदार्थ बेचा गया, बेचने की पेशकश की गई अथवा इसे बिक्री के लिए रखा गया था।’’

अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत लगाए गए आरोप के संबंध में कहा कि ठाणे के खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पुलिस के माध्यम से नहीं, बल्कि अलग से शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी।

अदालत ने कहा, ‘‘पुलिस धारा 188 लागू करने के लिए उस शिकायत के आधार पर संज्ञान नहीं ले सकती।’’

भाषा

सिम्मी रंजन

रंजन


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