आज दर्शकों को जोड़ने का एकमात्र तरीका प्रामाणिक कहानी कहना है : प्रसून जोशी

आज दर्शकों को जोड़ने का एकमात्र तरीका प्रामाणिक कहानी कहना है : प्रसून जोशी

आज दर्शकों को जोड़ने का एकमात्र तरीका प्रामाणिक कहानी कहना है : प्रसून जोशी
Modified Date: September 30, 2026 / 03:28 pm IST
Published Date: September 30, 2026 3:28 pm IST

मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) गीतकार और पटकथा लेखक प्रसून जोशी ने कहा कि दर्शकों को जोड़े रखने का एकमात्र तरीका प्रामाणिक कहानी कहना है।

जोशी के अनुसार, आज दर्शकों के पास विभिन्न माध्यमों पर व्यापक स्तर की सामग्री उपलब्ध है, ऐसे में कहानीकारों के लिए उनका ध्यान बनाए रखना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हर कोई अपनी कहानी कहना चाहता है। लेकिन आज लोगों के पास बहुत सारे विकल्प हैं। जब हम बड़े हो रहे थे, तब शुक्रवार का दिन सबसे ज्यादा इंतजार वाला होता था। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि कौन-सी फिल्म आ रही है, जो भी फिल्म रिलीज होती थी, हम उसे देखने चले जाते थे। कुछ नया देखना अपने आप में एक अच्छी चीज होता था।’’

जोशी नौ साल तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग अब सामग्री की अधिकता से ऊब चुके हैं। इसलिए वास्तव में लोगों को कुछ देखने के लिए तैयार करना बहुत मुश्किल है, क्योंकि उनमें अब उतनी उत्सुकता नहीं है। वे पूरे दिन अलग-अलग सामग्री देखते रहते हैं। इसलिए उनका ध्यान बनाए रखना बहुत चुनौतीपूर्ण है और यह बेहद जरूरी है कि हम प्रामाणिक बने रहें। इसके अलावा हमारे पास कोई और रास्ता नहीं है।’’

जोशी ने फिल्म उद्योग में मौलिकता की कमी पर चिंता जताते हुए फिल्म निर्माताओं के बीच ‘‘भेड़चाल की मानसिकता’’ की आलोचना की। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माता अक्सर बॉक्स ऑफिस पर जो चल रहा होता है, उसके आधार पर एक जैसी कहानियों एवं विधाओं की ओर आकर्षित होते हैं।

प्रसार भारती के मौजूदा अध्यक्ष जोशी यहां ‘फिक्की फ्रेम्स’ कार्यक्रम से इतर बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कार्यक्रम में ‘द पावर ऑफ एन आइडिया: स्टोरीटेलिंग इन द एज ऑफ इनफिनिट कंटेंट’ सत्र में हिस्सा लिया।

भाषा तान्या नेत्रपाल

नेत्रपाल


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