राज्य निर्वाचन आयोग ने लाडकी बहिन योजना की राशि वितरण के दावे पर रिपोर्ट मांगी

राज्य निर्वाचन आयोग ने लाडकी बहिन योजना की राशि वितरण के दावे पर रिपोर्ट मांगी

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 04:42 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 04:42 PM IST

मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया है कि लाडकी बहिन योजना के तहत दिसंबर और जनवरी के लिए वित्तीय सहायता मकर संक्रांति से पहले वितरित कर दी जाएगी, जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि यह कदम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों के बीच मंत्री के इस दावे पर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है कि मकर संक्रांति से पहले लाडकी बहिन योजना की वित्तीय सहायता लाभार्थियों को वितरित कर दी जाएगी।

यह कदम विपक्षी दलों की शिकायतों के बाद उठाया गया जिन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित धन वितरण का समय, 15 जनवरी को होने वाले 29 महानगर पालिकाओं के चुनावों से पहले महिला मतदाताओं को प्रलोभन देने के समान है।

हालांकि, राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि चुनाव समाप्त होने तक आचार संहिता लागू रहने के कारण योजना के तहत किस्त देने में देरी हो सकती है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ लाभार्थियों को धनराशि के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।’’

‘लाडकी बहिन योजना’ राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है। इस योजना को 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत का श्रेय दिया जाता है।

पिछले सप्ताह ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भाजपा नेता और राज्य के मंत्री महाजन ने कहा था कि दिसंबर और जनवरी की किस्तों को मिलाकर 3,000 रुपये की सहायता राशि मकर संक्रांति से पहले पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की ओर से विशेष उपहार करार दिया था।

मकर संक्रांति 14 जनवरी को है।

सूत्रों के अनुसार आयोग ने रविवार को राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा और यह भी पूछा कि क्या सरकार चुनाव से ठीक पहले दो महीनों की किस्तें एक साथ जारी करने का इरादा रखती है। आयोग ने सोमवार सुबह 11 बजे तक जवाब देने को कहा है।

विवाद के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लाडकी बहिन योजना पहले से जारी है और यह चुनाव आचार संहिता के प्रतिबंधों के अंतर्गत नहीं आती है।

हालांकि कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि पार्टी इस योजना के विरोध में नहीं है, लेकिन मतदान की पूर्व संध्या पर दो महीने की सहायता राशि एकसाथ जारी करने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने इसे आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।

राज्य कांग्रेस ने सोमवार को महायुति सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के नेता ‘स्वार्थी बंधु’ हैं जो महिला लाभार्थियों से ‘वापसी उपहार’ के रूप में वोट की उम्मीद करते हैं।

कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ इन स्वार्थी भाइयों में कोई संवेदनशीलता नहीं है। इन्होंने दो महीने तक किस्त रोक रखी थी और चुनाव प्रचार के दौरान ही पूरी रकम बांटी है। इन्हें बदले में कुछ चाहिए। बहनों को इन स्वार्थी भाइयों को उनकी औकात दिखा देनी चाहिए, क्योंकि ये वोटों के रूप में प्रतिफल की उम्मीद रखते हैं।’’

भाषा शोभना नरेश

नरेश