गणेश उत्सव में कोई व्यवधान नहीं आएगा: जरांगे के मुंबई में प्रदर्शन के आह्वान पर फडणवीस

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गणेश उत्सव में कोई व्यवधान नहीं आएगा: जरांगे के मुंबई में प्रदर्शन के आह्वान पर फडणवीस

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  • Publish Date - September 15, 2026 / 05:05 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 05:05 PM IST

मुंबई, 15 सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के विरोध प्रदर्शन के लिए मुंबई रवाना होने के दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि गणेशोत्सव के दौरान लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि यह हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है।

गृह विभाग का भी प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत मांगने संबंधी जरांगे की अर्जी खारिज कर दी थी। किसी भी नयी अर्जी पर पुलिस उसमें उल्लेख किये गए तथ्यों के आधार पर फैसला करेगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि गणेशोत्सव में (विरोध-प्रदर्शन के कारण) कोई बाधा नहीं आएगी।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मुंबई और पुणे में बहुत बड़ा त्योहार है और इसे सबसे बड़े हिंदू त्योहारों में से एक के तौर पर सार्वजनिक रूप से मनाया जाता है।’’

फडणवीस ने कहा कि सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों की 13 ‘‘कानूनी रूप से वैध’’ मांग में से 12 मान ली हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने बाकी बची मांग से जुड़ी कानूनी मुश्किलों के बारे में भी बताया है और यह भी कहा है कि अदालत के आदेश के खिलाफ जाने से मराठा समुदाय को कैसे नुकसान हो सकता है।

फडणवीस ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि त्योहारों के समय ऐसा रुख अपनाने के बजाय, उन्हें (प्रदर्शनकारियों को) कोई ऐसा फैसला लेना चाहिए जिससे लोगों को कोई परेशानी न हो।’’

इससे पहले दिन में, जरांगे जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से मुंबई के लिए रवाना हुए।

मुंबई पुलिस ने पूर्व में जरांगे को आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। जरांगे पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और कुनबी जाति की वंशावली वाले मराठा समुदाय के लोगों के लिए ओबीसी कोटे की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए यह इजाजत नहीं दी थी।

जरांगे ने महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से मराठा समुदाय के लोगों को मुंबई बुलाने की अपनी पिछली योजना में बदलाव किया और कड़ी सुरक्षा के बीच 5-10 साथियों के समूह के साथ जाने का फैसला किया। उन्होंने दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में 19 सितंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने की योजना का ऐलान किया था।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा द्वारा कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती की समीक्षा करने के संबंध में मीडिया में आई खबरों पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, फडणवीस ने कहा कि प्रियंका गांधी को महासचिव बने लगभग 1,000 दिन हो जाने के बावजूद कोई खास जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई महासचिव लगभग 1,000 दिन से इस पद पर है, लेकिन उन्हें कोई विभाग, कोई राज्य या कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।’’

कांग्रेस पर तंज कसते हुए फडणवीस ने कहा कि पार्टी को सबसे पहले प्रियंका गांधी को कुछ काम देना चाहिए और उन्हें ‘‘सिर्फ नाम के लिए महासचिव’’ नहीं बनाए रखना चाहिए।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश