मुंबई, आठ मई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई बधाई को ‘‘बिना सोच-समझे और अनुचित’’ करार देते हुए कहा कि राज्यों के चुनाव भारत के लोकतंत्र का आंतरिक मामला है।
राउत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, अमेरिकी राष्ट्रपति को टैग करते हुए ट्रंप से चुनावों के बारे में ‘‘विस्तृत जानकारी प्राप्त करने और संतुलित रुख’’ अपनाने का आग्रह किया।
शिवसेना (उबाठ) नेता ने दावा किया कि इस बात को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं कि चुनाव भय, धमकी और व्यवस्थागत दबाव के माहौल में कराये गए।
राउत ने लिखा, ‘‘भारत के सांसद के रूप में, मैं पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आपकी बधाई देने से संबंधित खबरों पर यह जवाब लिख रहा हूं। ये राज्य स्तरीय चुनाव हैं जो भारत के संघीय लोकतंत्र का आंतरिक मामला है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का बधाई देना, बिना सोचे-समझे और अनुचित प्रतीत होता है।’’
इस सप्ताह की शुरुआत में, भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। भाजपा ने असम में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप ने मोदी को उनकी ‘‘ऐतिहासिक और निर्णायक’’ चुनावी जीत पर बधाई दी।
राउत ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव भय, धमकियों और व्यवस्थागत दबाव के माहौल में हुए, जिससे गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
उन्होंने दावा किया कि व्यापक रूप से यह धारणा बनी है कि निर्वाचन आयोग ने निष्पक्षता से चुनाव नहीं कराये, जिससे संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि केंद्रीय बलों की व्यापक तैनाती के आरोप हैं, जिसके बारे में कई लोगों का मानना है कि इससे विश्वास पैदा होने के बजाय दबाव की स्थिति बनी।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सहित वरिष्ठ नेताओं ने प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की है।
राउत ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय हों। उन्होंने कहा कि जब गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो उनकी जांच होनी चाहिए, न कि जश्न मनाया जाना चाहिए।
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