Reported By: Indresh Suryavanshi
,उज्जैन : महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं द्वारा भगवान महाकाल को अर्पित किए जाने वाले सोने–चांदी के आभूषणों की जांच को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। mahakal Mandir Mein Donation : मंदिर समिति ने अत्याधुनिक “कैरेटोमीटर” मशीन मंगाई है, जिसके माध्यम से अब दान में दिए जाने वाले सोने और चांदी के आभूषणों की शुद्धता (टंच) और कैरेट की जांच श्रद्धालुओं के सामने ही ऑन द स्पॉट की जाएगी।
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि कैरेटोमीटर एक आधुनिक तकनीक से लैस मशीन है, जो कुछ ही क्षणों में सोने और चांदी के आभूषणों की गुणवत्ता, कैरेट और शुद्धता का सटीक परीक्षण कर देती है। Mahakaleshwar Mandir Ujjain इसके लिए आभूषण को किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं पहुंचता। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति को यह मशीन प्राप्त हो चुकी है और अगले दो दिनों के भीतर इसकी शुरुआत कर दी जाएगी।
मशीन के शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं द्वारा भगवान महाकाल को अर्पित किए जाने वाले आभूषणों की जांच उनके सामने ही की जाएगी। जांच के आधार पर आभूषण की प्रमाणिकता तय होगी और उसी अनुसार श्रद्धालु को तत्काल रसीद भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंदिर प्रबंध समिति का यह मानना है कि इस नई व्यवस्था से दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता आएगी और श्रद्धालुओं का विश्वास भी और मजबूत होगा।
अब आभूषण की शुद्धता और मूल्यांकन को लेकर किसी प्रकार की शंका की स्थिति नहीं रहेगी, क्योंकि पूरी प्रक्रिया श्रद्धालु की मौजूदगी में संपन्न होगी। महाकाल मंदिर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भगवान महाकाल को अर्पित करते हैं। ऐसे में कैरेटोमीटर मशीन के उपयोग से दान में मिलने वाले आभूषणों की जांच अधिक वैज्ञानिक, सटीक और पारदर्शी हो सकेगी।