दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल ‘बदले’ की कार्रवाई लगती है: राज ठाकरे

दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल ‘बदले’ की कार्रवाई लगती है: राज ठाकरे

दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल ‘बदले’ की कार्रवाई लगती है: राज ठाकरे
Modified Date: July 24, 2026 / 05:28 pm IST
Published Date: July 24, 2026 5:28 pm IST

मुंबई, 24 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से बल का इस्तेमाल किया जाना भीड़ प्रबंधन के बजाय ‘बदले’ की कार्रवाई लगती है।

ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के विरुद्ध बल प्रयोग के आरोपों को लेकर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि अगर शारीरिक सजा देने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो यही नियम उन पुलिसकर्मियों पर भी लागू होना चाहिए जिन्होंने छात्रों के साथ मारपीट की और उन लोगों पर भी यह नियम लागू होता है जिन्होंने उन्हें ऐसा करने का आदेश दिया।

उन्होंने लिखा, ‘‘अगर पुलिस विरोध कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज करती तो बात समझ में आती, लेकिन जो हुआ वह किसी बदले की कार्रवाई जैसा लग रहा था।’’

उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में न केवल विरोध कर रहे छात्र, बल्कि कई राहगीर भी पुलिस की कार्रवाई के दौरान पिटते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों के आदेश के बिना इतना बल प्रयोग नहीं किया गया होगा।

मानसून सत्र के पहले दिन जब कॉजपा के ‘संसद चलो’ विरोध प्रदर्शन में शामिल लोग संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे प्रदर्शन हिंसक हो गया।

मनसा प्रमुख ने कहा कि पुलिसकर्मियों के पास, चाहे वे महाराष्ट्र में हों या कहीं और, अक्सर उन्हें दिए गए आदेशों का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता, इसलिए केवल उन्हें ही इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने सवाल किया कि शासन प्रणाली को ऐसे ‘बेरहम’ आदेश जारी करने का अधिकार किसने दिया और क्या ऐसे निर्देश देने वाले खुद को संविधान से ऊपर समझते हैं।

भाषा

संतोष नरेश

नरेश


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