टीईटी प्रश्नपत्र घोटाला 2021 में उद्धव ठाकरे ने उजागर किया था: अंधारे

टीईटी प्रश्नपत्र घोटाला 2021 में उद्धव ठाकरे ने उजागर किया था: अंधारे

टीईटी प्रश्नपत्र घोटाला 2021 में उद्धव ठाकरे ने उजागर किया था: अंधारे
Modified Date: July 24, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: July 24, 2026 4:20 pm IST

पुणे, 24 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) की नेता सुषमा अंधारे ने शुक्रवार को दावा किया कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकाल के दौरान 2021 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में प्रश्नपत्र लीक से जुड़े एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया था और जांच एजेंसियों को कार्रवाई की पूरी छूट दी थी।

अंधारे का यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस आरोप कि राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा टीईटी घोटाला ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते हुआ था, के एक दिन बाद सामने आया है।

फडणवीस ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा था, ‘‘राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा टीईटी घोटाला उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में हुआ। यह केवल प्रश्नपत्र लीक का मामला नहीं था, बल्कि अनुत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी उत्तीर्ण करा दिया गया था। तत्कालीन सरकार के मंत्रियों पर भी आरोप लगे थे।’’

इन आरोपों का खंडन करते हुए अंधारे ने कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे ने न केवल प्रश्नपत्र लीक के एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया, बल्कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने की छूट भी दी। यहां तक कि जब यह बात सामने आई कि तत्कालीन मंत्री अब्दुल सत्तार की बेटी ने कथित तौर पर धांधली के जरिए परीक्षा पास की है, तब भी पुलिस को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अनुचित तरीके से नौकरी पाने वाले लगभग 3,500 अभ्यर्थियों को काली सूची में डाल दिया गया था, और उनमें सत्तार की बेटी भी शामिल थी।’’

शिवसेना (उबाठा) प्रवक्ता ने कहा कि शैक्षिक और विश्वविद्यालय समन्वय का ठेका जिस कंपनी को दिया गया था, उसके निदेशक को बाद में प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार किया गया। वह ठेका 2014-19 के दौरान फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में दिया गया था, जब विनोद तावडे राज्य के शिक्षा मंत्री थे।

परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र गृह निर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकारी (म्हाडा) भर्ती परीक्षा 12 दिसंबर 2021 को आयोजित होनी थी, लेकिन उससे एक दिन पहले पुलिस को प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली, जिसके बाद छापेमारी की गई।

अंधारे ने कहा, ‘‘छापेमारी के दौरान पुलिस ने ‘जीए सॉफ्टवेयर कंपनी’ के मालिक प्रीतीश देशमुख को गिरफ्तार किया था।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘जीए सॉफ्टवेयर’ को कर्नाटक में काली सूची में डाला गया था फिर भी तावड़े के शिक्षा मंत्री रहते इसे परीक्षा का ठेका दिया गया।

भाषा खारी पवनेश

पवनेश


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