नीट प्रश्नपत्र लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वीबीए ने प्रदर्शन किया
नीट प्रश्नपत्र लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वीबीए ने प्रदर्शन किया
मुंबई, 23 जुलाई (भाषा) वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों, प्रश्नपत्र लीक विवाद और नयी दिल्ली में छात्रों एवं समर्थकों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज के विरोध में अपने राज्यव्यापी बंद के तहत बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र में प्रदर्शन किए।
वीबीए प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया कि बंद के आह्वान से पहले पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
इस दौरान पार्टी के सदस्यों ने मुंबई में एक मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ।
आंबेडकर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘वीबीए के लगभग 3,500 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। दुर्भाग्य से, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हर जगह भारी पुलिस बल तैनात है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का एक धड़ा टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘आरएसएस का एक वर्ग टकराव चाहता है। यह वर्ग वीबीए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है। यह वर्ग भाजपा का समर्थक है, इसलिए टकराव चाहता है। इस टकराव से राज्य सरकार को फायदा होगा।’’
इससे पहले आंबेडकर ने लोगों से 23 जुलाई को राज्यव्यापी बंद में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों का मकसद युवाओं में तार्किक सोच और शिक्षा को हतोत्साहित करना है।
बंद की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा था, ‘‘केंद्र सरकार नहीं चाहती कि लोग शिक्षित हों क्योंकि शिक्षा समझ बढ़ाती है और तार्किक सोच को बढ़ावा देती है। यही वजह है कि मौजूदा सरकार नहीं चाहती कि युवाओं को यह मिले।’’
उन्होंने पूरे महाराष्ट्र के लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की और कहा कि उन्होंने राज्य के किसी भी राजनीतिक दल के नेता के साथ प्रस्तावित बंद के बारे में कोई चर्चा नहीं की है।
आंबेडकर ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने ‘पैलेट गन’ का इस्तेमाल किया और कहा कि ऐसी कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र के परामर्शों के खिलाफ थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की पिटाई की गई और उन पर बेरहमी से बल प्रयोग किया गया।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार सामने आया है और कहा कि इसी के विरोध में 23 जुलाई को बंद का आह्वान किया गया।
प्रकाश आंबेडकर के बेटे और वीबीए नेता सुजात आंबेडकर ने पत्रकारों से कहा, ‘यह विरोध प्रदर्शन केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में किया जा रहा है। नीट मामले में हुई गड़बड़ी के लिए वह जिम्मेदार हैं और उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’
कुछ प्रदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार को मुंबई के प्रमुख प्रवेश मार्गों में से एक पनवेल-सायन मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘लोगों को इस विरोध प्रदर्शन के पीछे की वजह समझनी चाहिए, क्योंकि नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्र और उनके अभिभावक भी प्रभावित हुए हैं। केंद्र सरकार को मंत्री और इस मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।’
सायन के पास सड़क पर बैठी एक महिला ने पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार की छात्रों के प्रति ‘उदासीनता’ के कारण बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी।
उन्होंने कहा, ‘हमारा विरोध जारी रहेगा क्योंकि केंद्र सरकार ने अभी तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया है।’
मुंबई के बायकुला, सायन और आसपास के इलाकों में बृहस्पतिवार को कुछ दुकानें बंद रहीं।
नागपुर में पार्टी कार्यकर्ता संविधान चौक पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पुणे में विभिन्न सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता वीबीए के प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने भिड़े वाडा से ओल्ड जिला परिषद दफ्तर तक मार्च निकाला।
भाषा प्रचेता पवनेश
पवनेश

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