पालघर में बाढ़ का तांडव, 891 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, दो लाख की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर

पालघर में बाढ़ का तांडव, 891 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, दो लाख की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर

पालघर में बाढ़ का तांडव, 891 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, दो लाख की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर
Modified Date: July 23, 2026 / 08:05 pm IST
Published Date: July 23, 2026 8:05 pm IST

पालघर, 23 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के तटीय जिले पालघर में भारी बारिश के कारण डहाणु और तलासरी तहसीलों के कई गांवों का संपर्क कट गया है। निचले इलाकों में पानी भरने और बिजली गुल होने के कारण बृहस्पतिवार को व्यापक स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आपदा राहत दलों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 218 परिवारों के 891 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि लगभग दो लाख लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं।

जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि जिले में बुधवार रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे डहाणु और तलासरी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को बृहस्पतिवार को बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।

जिलाधिकारी ने बताया, ‘तलासरी और डहाणु में राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया है।’

उन्होंने बताया कि वसई-विरार महानगरपालिका के आपातकालीन राहत दल और भारड़ (चारोटी) स्थित स्थानीय बचाव दल भी फंसे हुए लोगों की मदद कर रहे हैं। जिलाधिकारी जाखड़ के अनुसार, जिले के एक नाले में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान की कोशिश की जा रही है।

कुर्जे और धामणी बांध पूरी तरह भर जाने के कारण उनसे पानी छोड़ा जा रहा है।

जिलाधिकारी ने कहा, ‘नहरों के किनारे बसे सभी गांवों को अत्यधिक सतर्क रहने को कहा गया है और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।’

इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी जरूरी काम के यात्रा न करें और जलभराव वाले रास्तों, पुलों तथा उफान पर मौजूद नदी-नालों से दूर रहें।

बाढ़ के कारण बिजली ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे लगभग दो लाख आबादी अंधेरे में डूब गई है।

महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के कल्याण क्षेत्र के उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजीत इगतपुरीकर ने एक बयान में बताया कि बाढ़ का पानी 17 बिजली उपकेंद्रों में घुस गया, जिसके कारण सुरक्षा के तौर पर अधिकारियों को 106 बिजली आपूर्ति लाइनों को बंद करना पड़ा।

डोलरपाड़ा और बोर्डी में बिजली उपकेंद्र पूरी तरह से पानी में डूब गए। डोलरपाड़ा उपकेंद्र में रात भर फंसे रहे एक संचालक और सुरक्षा गार्ड को बृहस्पतिवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

बयान में कहा गया है कि बिजली कंपनी एनडीआरएफ के साथ मिलकर काम कर रही है और जलभराव वाले क्षेत्रों में नावों के जरिए डूबे हुए बिजली संयंत्रों व उपकरणों की जांच की जा रही है। पूरे जिले में कुल 16 ऊंचे और 13 छोटे बिजली के खंभे उखड़ गए हैं।

एमएसईडीसीएल के मुख्य अभियंता चंद्रमणि मिश्रा ने भरोसा दिया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी ठाणे जिले के बदलापुर और वांगणी में भी भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है, जहां 27 बिजली के खंभे गिर जाने से बुधवार शाम से लगभग 27 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित है।

ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख यासीन तड़वी ने बताया कि ठाणे शहर में बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान 99.32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में अब तक कुल 1,893.78 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो पिछले साल इसी अवधि में हुई 1,270.48 मिलीमीटर बारिश से काफी अधिक है।

भाषा सुमित रंजन

रंजन


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