विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार, लेकिन हिंसा मंज़ूर नहीं: फडणवीस की बेटी दिविजा

विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार, लेकिन हिंसा मंज़ूर नहीं: फडणवीस की बेटी दिविजा

विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार, लेकिन हिंसा मंज़ूर नहीं: फडणवीस की बेटी दिविजा
Modified Date: July 23, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: July 23, 2026 8:15 pm IST

मुंबई, 23 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनकारियों या पुलिस, किसी की भी ओर से हिंसा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

नीट पेपर लीक के आरोपों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच, दिविजा फडणवीस ने इंस्टाग्राम स्टोरी में कहा कि उनसे बार-बार इस आंदोलन पर टिप्पणी करने के लिए कहा जा रहा था, इसलिए उन्होंने अपनी राय साझा करने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार है। प्रदर्शनकारियों को पुलिस के प्रति और पुलिस को प्रदर्शनकारियों के प्रति हिंसा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’’

दिविजा ने लोगों से यह भी अपील की कि वे राजनीतिक दलों या उनकी विचारधाराओं का ‘‘बिना सोचे-समझे’’ समर्थन किए बिना शिक्षा में सुधार का समर्थन करें, और किसी भी आंदोलन को समर्थन देने से पहले उसका नेतृत्व करने वालों के ‘‘असली इरादों’’ को समझें।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को देश के हितों को ध्यान में रखना चाहिए और सरकार का ‘‘दुश्मन’’ बनने या सत्ताधारी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश करने के बजाय, बेहतर फ़ैसले लेने में सरकार की मदद करनी चाहिए।

सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से स्वतंत्र रूप से सोचने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को किसी भी ‘सोशल मीडिया ट्रेंड’ का समर्थन सिर्फ़ इसलिए नहीं करना चाहिए कि वह ‘ट्रेंड’ कर रहा है, और न ही किसी विचारधारा को मानने के लिए खुद की सोच को प्रभावित होने देना चाहिए।

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश


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